दो नाबालिग बच्चों को निगल गया तालाब, दो परिवारों में मातम,फिर भी प्रशासन ने नहीं लिया सबक !
आखिर प्रशासन घटनाओं के बाद भी सबक क्यों नहीं लेता है। जब कोई घटना होती है तभी क्यों सुध ली जाती है। इसी तरह एक और लापरवाही का मामला सामने आया है जिस तालाब में बीते एक साल पहले नहाते समय घटना हुई थी। फिर उसी तालाब में एक हादसा हुआ। जहां नहाने गए दो बच्चों की पानी में डूबने से जान चली गयी। लापरवाही और बदइंतजामी ने दो परिवारों की खुशियां छीन ली। दुख घटना रायसेन जिले के मंडीदीप स्थित सतलापुर थाना क्षेत्र से सामने आई है।
बताया जा रहा है की मौजमपुर के पास स्थित तालाब में नहाने गए दो बच्चों की डूबने से जान चली गयी। सबसे बड़ी और हैरानी की बात ये है की ये वही तालाब है। जहां बीते साल भी दो बच्चों की जान जा चुकी है। लेकिन प्रशासन ने अब तक सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए। न चेतावनी बोर्ड लगाए गए, न बैरिकेडिंग हुई और न ही निगरानी की व्यवस्था की गई। अब प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मृतक अमन वाल्मीकि और जय नागले, उम्र करीब 15 और 14 साल, राहुल नगर के निवासी बताए जा रहे हैं। दोनों बच्चे मौजमपुर के पास तालाब में नहाने गए थे। तभी गहरे पानी में चले जाने से डूब गए। घटना की सूचना मिलते ही सतलापुर थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया गया। देर रात करीब 12 बजे दोनों बच्चों की डेड बॉडी बरामद की गई। जिसके बाद बॉडी को पीएम के लिए मंडीदीप अस्पताल भेजा गया था। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस घटना ने कई सवाल खड़े किये हैं। जहां फिर एक बार प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है। जिस तालाब में हर साल बच्चों की जान जा रही हो। वहां सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं किए गए। प्रशासन किस इन्तजार में है। अब यह देखना बड़ा दिलचस्प होगा की आखिर प्रशासन द्वारा क्या ठोस कदम उठाये जाते हैं।--