काम पूरा लेकिन सैलरी आधी, ठेकेदार आधी पेमेंट ले लेता है वापिस, मजदूरों का शोषण !
ठेकदार द्वारा मजदूरों से काम तो पूरा कराया जाता है। पेमेंट खातों में आती है लेकिन ठेकदार उनके हक़ पर डांका डालता है और मिलने वाले रुपयों में से आधी सैलरी खुद ही वापिस ले लेता है। इसी को लेकर मजदूरों ने मोर्चा खोलते हुए ठेकेदार पर शोषण का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। मामला अनूपपुर जिले के कोतमा में स्थित कॉल कम्पनी से जुड़ा हुआ है। जहां कंपनी के गेट पर मजदूरों ने प्रदर्शन किया। जिनके समर्थन में पूर्व विधायक भी उतर आये और एसडीएम के पास जाकर शिकायत की गई।
सैकड़ों मजदूरों ने कंपनी गेट पर प्रदर्शन करते हुए न्याय की मांग की। मजदूरों के मुताबिक उन्हें पूरा वेतन बैंक खाते में दिया जाता है। लेकिन बाद में दबाव बनाकर आधी रकम वापस ले ली जाती है। आरोप है की ठेकेदार बिरासिनी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के साथ अशोक पटानी और अमित पटानी द्वारा पिछले एक साल से कथित वसूली का खेल चलाया जा रहा है। वेतन मिलने के बाद सुपरवाइजर और मैनेजर मजदूरों को बुलाकर पैसे लौटाने का दबाव बनाते हैं। मना करने पर नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं। यही नहीं उनका ये भी आरोप है की उन्हें खदान में काम करने के लिए जरूरी सुरक्षा उपकरण भी नहीं दिए जाते। जिससे उनकी जान जोखिम में रहती है। स्किल्ड मजदूरों को जबरन नॉन-स्किल्ड घोषित कर उनकी मजदूरी भी घटा दी गई है। मामले की शिकायत कोतमा एसडीएम से की गई है। जहां वसूली गई रकम वापस दिलाने की भी मांग की है। वहीं कोतमा के पूर्व विधायक सुनील सराफ ने भी मजदूरों समर्थन किया। उन्होंने साफ़ चेतावनी देते हुए कहा की अगर मजदूरों का शोषण नहीं रुका तो 19 मई से काम बंद कर आंदोलन और अनशन किया जाएगा।-