निकाली दुकान की अर्थी, फूल-मालाएं पहनाकर जताया विरोध, शराब दुकान के खिलाफ महिलाओं का उग्र आंदोलन!
एमपी के बालाघाट के वार्ड नंबर 12 में शराब दुकान को हटाने की मांग अब बड़ा जनआंदोलन बनती जा रही है। इलाके की महिलाएं पिछले करीब 40 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से महिलाओं का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। महिलाओं का कहना है कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र का माहौल लगातार खराब हो रहा है। आए दिन विवाद, झगड़े और असामाजिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिससे परिवारों और बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है। इसी वजह से महिलाएं दुकान हटाने की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रही हैं।
इस आंदोलन की खास बात यह रही कि महिलाओं ने विरोध जताने के लिए अनोखे और गांधीगिरी वाले तरीके अपनाए। कभी उन्होंने शराब खरीदने आने वाले लोगों को समझाने की कोशिश की, तो कभी उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर और हलवा बांटकर जागरूक करने का प्रयास किया। महिलाओं ने दुकान के सामने रंगोली बनाकर भी प्रशासन को संदेश देने की कोशिश की। लेकिन लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से आंदोलन और उग्र हो गया। महिलाओं ने विरोध के तौर पर शराब दुकान की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली। पूरे वार्ड में अर्थी घुमाकर महिलाओं ने जमकर नारेबाजी की और बाद में दुकान के सामने अर्थी का दहन कर अपना आक्रोश जताया।
धरने में शामिल महिलाओं का कहना है कि वे अपने बच्चों और परिवार के भविष्य को बचाने के लिए यह लड़ाई लड़ रही हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन सिर्फ आश्वासन दे रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक शराब दुकान को पूरी तरह नहीं हटाया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। बालाघाट में महिलाओं के इस अनोखे आंदोलन की चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है और लोग इसे सामाजिक जागरूकता की बड़ी मिसाल के तौर पर देख रहे हैं।