कॉकरोच जनता पार्टी कैसे हुई शुरू,कुछ दिनों में इंस्टाग्राम पर दो करोड़ फॉलोवर्स,डिजिटल आंदोलन की क्या है वजह !
इन दिनों कुछ मीम्स और एक नयी पार्टी जबरदस्त चर्चाओं में बनी हुई है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर कॉकरोच जनता पार्टी के महज कुछ ही दिनों में 20 मिलियन के करीब फॉलोवर हो गए। यानी करीब दो करोड़, ये नाम खासा चर्चाओं में बना हुआ है। हैरानी की बात ये है की चंद दिनों में ही बड़ी-बड़ी राजनीतिक पार्टियों को भी पीछे छोड़ दिया है। यह कोई चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड राजनीतिक दल नहीं है। बल्कि युवाओं के मुद्दों को व्यंग्य और मीम्स के जरिए उठाने वाला एक ऑनलाइन अभियान है। जिसमें बड़ी संख्या में युवा जुड़ रहे हैं। वहीं इसको लेकर मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की प्रतिक्रिया सामने आई उन्होंने कहा की यह मेरा व्यक्तिगत विचार है कि कॉकरोच जनता पार्टी कोई meme नहीं। यह उस पीढ़ी का गुस्सा है जिसे बेरोज़गारी, पेपर लीक और टूटी हुई व्यवस्था ने हताश कर दिया है।
इस अनोखे अभियान की शुरुआत भारत के मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी के बाद हुई। जिसके बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर मीम्स और बहस का दौर शुरू हो गया। हालांकि बाद में सीजेआई ने अपनी टिप्पणी पर सफाई देते हुए कहा था कि उनके बयान को मीडिया में गलत तरीके से पेश किया गया। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक 30 साल के अभिजीत दीपके हैं जो महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले हैं। अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद वे अमेरिका चले गए। जहां उन्होंने मशहूर बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। वह पेशे से पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रैटजिस्ट माने जाते हैं। वे डिजिटल कैंपेनिंग, सोशल मीडिया नैरेटिव और राजनीतिक कम्युनिकेशन के क्षेत्र में काम कर चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2020 से 2023 के बीच वे अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया और चुनावी अभियान से भी जुड़े रहे। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान उन्होंने मीम्स आधारित डिजिटल कैंपेनिंग में अहम भूमिका निभाई थी। बाद में वे सक्रिय राजनीति से अलग हो गए और विदेश चले गए। कॉकरोच जनता पार्टी खुद को युवाओं की, युवाओं द्वारा, युवाओं के लिए पार्टी बताती है। इसका नारा है धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक, आलसी।.पार्टी के ऑनलाइन पोस्ट में मजाकिया अंदाज में कहा गया है कि इसका सदस्य बनने व्यक्ति का बेरोजगार होना चाहिए। हर समय ऑनलाइन रहने वाला होना चाहिए, प्रोफेशनल तरीके से भड़ास निकालने वाला होना चाहिए, और थोड़ा आलसी भी होना चाहिए। यह पूरा अभियान हास्य और व्यंग्य के अंदाज में चलता है। लेकिन इसके जरिए कई गंभीर मुद्दे भी उठाए जा रहे हैं। इनमें युवाओं की बेरोजगारी, परीक्षा पेपर लीक, सिस्टम में पारदर्शिता की कमी और युवाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे विषय शामिल हैं। इसके अलावा एक घोषणापत्र भी जारी किया गया है। जिसमें कई मुद्दे शामिल हैं।