हाईकोर्ट के फैसले के बाद धार में पहला जुमा! भोजशाला बनी सुरक्षा छावनी, 1800 जवान तैनात
एमपी के धार की ऐतिहासिक भोजशाला में हाईकोर्ट के हालिया फैसले के बाद आज का शुक्रवार बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। फैसले के बाद यह पहला जुमा है, जब भोजशाला परिसर में नमाज नहीं हुई, बल्कि पूरे दिन हिंदू समाज द्वारा पूजा-अर्चना की जा रही है। इसे लेकर पूरे धार शहर में हाई अलर्ट घोषित किया गया है और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। सुबह से ही कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला पहुंचे। मां वाग्देवी के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक कार्यक्रम शुरू हुए। श्रद्धालुओं ने चुनरी चढ़ाकर पुष्प अर्पित किए और पूरे परिसर में मंत्रोच्चार गूंजता रहा। दोपहर में महाआरती का आयोजन भी किया गया, जिसमें भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए।
भोजशाला परिसर और आसपास का पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। प्रशासन के अनुसार जिलेभर में करीब 1800 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। इनमें एसएएफ, विशेष सुरक्षा बल, ड्रोन टीम, टीयर गैस स्क्वॉड और लगातार पेट्रोलिंग करने वाली टीमें शामिल हैं। करीब 700 जवान सिर्फ भोजशाला क्षेत्र की सुरक्षा में लगाए गए हैं। शहर के संवेदनशील इलाकों, धार्मिक स्थलों और प्रमुख चौराहों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ड्रोन कैमरों से पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके। धार पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा खुद घोड़े पर सवार होकर शहर में पेट्रोलिंग करते नजर आए। पुलिस और प्रशासन लगातार फ्लैग मार्च कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी है। साइबर सेल और खुफिया एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। किसी भी भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। फिलहाल भोजशाला को लेकर पूरे धार शहर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।