Sagar- 1971 का युद्ध और कारगिल में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व अधिकारी पंचतत्व में विलीन
सागर जिले के सपूत साल 1971 का युद्ध और कारगिल में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व वायुसेना के अधिकारी अनंतराम मिश्रा का निधन हो गया। ये खबर फैलते ही पूरे देवरी नगर में शोक की लहर दौड़ गई। इसके बाद उन्हें नम आँखों से विदाई दी गयी। और वह पंचतत्व में विलीन हो गए। देवरी निवासी भूतपूर्व सैनिक और भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी अनंतराम मिश्रा ने 80 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया।
जहां 22 मई को तिलक वार्ड स्थित मुक्तिधाम में पूरे सैन्य सम्मान और भावुक माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र ने मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में परिजन, नगरवासी, पूर्व सैनिक और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने पुष्प अर्पित कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी और देश के प्रति उनके समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना को याद किया।
शोकसभा में सेवानिवृत्त कैप्टन उदय उपेंद्र भदौरिया द्वारा बताया गया की अनंतराम मिश्रा ने साल 1966 में भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएं शुरू की थीं। अपने लंबे सैन्य जीवन में उन्होंने साल 1971 के भारत-पाक युद्ध के अलावा कारगिल युद्ध समेत कई महत्वपूर्ण अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई। देश के अलग-अलग हिस्सों में सेवाएं देते हुए उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। साल 2003 में वे सेवानिवृत्त हुए। लेकिन इसके बाद भी पूर्व सैनिकों के हितों और समाजसेवा के कार्यों में लगातार सक्रिय रहे। उनका राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और समाज के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।
इसके अलावा बताया गया की अनंतराम मिश्रा को बच्चों और विद्यार्थियों से विशेष स्नेह था। वे हमेशा युवाओं को उनके करियर के प्रति प्रेरित करते और मार्गदर्शन देने के लिए तत्पर रहते थे। समय की पाबंदी उनकी सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक थी। दिवंगत अनंतराम मिश्रा अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन पर नगर के सामाजिक, धार्मिक और पूर्व सैनिकों ने गहरा शोक व्यक्त किया