5 महीने से नहीं मिला मानदेय! आशा कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा, धरने में 6 महिलाएं बीमार SAGAR TV NEWS
एमपी के सागर संभाग के टीकमगढ़ जिले में आशा कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। पिछले 5 से 6 महीनों से मानदेय नहीं मिलने से नाराज सैकड़ों महिलाओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। भीषण गर्मी और लू के बीच महिलाएं घंटों तक अपनी मांगों को लेकर डटी रहीं। इस दौरान 6 महिलाएं बीमार हो गईं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। टीकमगढ़ कलेक्ट्रेट परिसर में सुबह से ही बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता जुटना शुरू हो गई थीं। महिलाओं का कहना है कि उन्हें पिछले कई महीनों से मानदेय नहीं मिला है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। बच्चों की फीस, दवाइयां और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना तक भारी पड़ रहा है। उनका कहना है कि वे गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं, लेकिन बदले में उन्हें समय पर भुगतान तक नहीं मिल रहा। धरना सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ और देर शाम तक जारी रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच महिलाएं मैदान में बैठी रहीं। गर्मी के कारण करीब 6 महिलाएं अचानक बीमार हो गईं, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की ओर से अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और एसडीएम मौके पर पहुंचे, लेकिन महिलाओं ने किसी अन्य अधिकारी को ज्ञापन देने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वे केवल कलेक्टर को ही अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगी। दिनभर इंतजार के बाद भी जब कलेक्टर उनसे मिलने नहीं पहुंचे और अपने आवास के लिए रवाना हो गए, तो महिलाओं का गुस्सा और बढ़ गया। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनका लंबित मानदेय जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।