Sagar- हनी ट्रैप-2, दूसरे लड़कों से बात करते हुए पति ने पकड़ा तो ओमान से भागी थी रेशु चौधरी
इंदौर के हनी ट्रैप मामले में आरोपी रेशु चौधरी से संबंधित कई चौकाने वाले खुलासे हुए हैं। जिसमें खुद को अविवाहित बताने वाली रेशु के विवाह और उसके तलाक का मामला सामने आया है। रेशु की शादी वर्ष 2018 में हुई थी। जिसके बाद वह अपने पति के साथ ओमान की राजधानी मस्कट में रहती थी। जहां से वह पति से मारपीट कर भारत वापस आई थी।
इस संबंध में पति द्वारा दूतावास में शिकायत भी की गई थी। सागर लौटने के बाद रेशु ने अपने पति, ससुर और सास पर दहेज प्रताड़ना का केस किया। यह मामला आज भी सागर कोर्ट में चल रहा है। वहीं रायपुर में तलाक के मामले में सुनवाई की जा रही है। ससुर ने रेशु पर फर्जी मार्कशीट दिखाकर शादी करने और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। छत्तीसगढ़ निवासी प्यारेलाल अहिरवार ने बताया कि उनका बेटा महेंद्र कुमार ओमान के मस्कट में एक ट्रैवल एजेंसी में कार्यरत है।
वर्ष 2018 में उसकी शादी रेशु उर्फ अभिलाषा चौधरी से हुई थी। शादी के 4 दिन बाद ही रेशु घर चली गई और इसके बाद वापस नहीं लौटी। 3-4 महीने बाद वापस आने के लिए एक लाख रुपए की डिमांड की गई। जिसमें 85 हजार देने के बाद वह घर आई और बाद में पति के पास मस्कट चली गई। जहां पति ने रेशु को अन्य लड़कों से बातचीत करते हुए पकड़ लिया। इस बात पर रेशु ने पति से मारपीट की और उसे धमकाकर
जबरन टिकट कराकर भारत वापस आ गई। इसके बाद 2019 में दहेज प्रताड़ना का केस फाइल कर दिया। ससुर ने बताया कि रेशु के पास राजस्थान स्थित श्रीधर कॉलेज की फर्जी मार्कसीटें हैं। जिसके बाद उन्होंने 2020 में रायपुर कोर्ट में तलाक की अर्जी लगाई। आज भी रेशु को पति के द्वारा महीने का खर्च दिया जाता है। शिकायतों से संबंधित सभी दस्तावेज कोर्ट में प्रस्तुत किए गए हैं। इतना ही नहीं भाजपा में काम करते समय भी रेशु ने खुद को यूपीएससी में चयनित बताया था और खुद को जॉब में होने की बात बताती थी। हैरानी की बात तो यह है कि भाजपा जैसे बड़े संगठन में रेशु को पद देते समय इन सब दस्तावेजों की कोई जांच नहीं की गई। जो कि स्थानीय संगठन पर एक सवालिया निशान खड़ा करता है।