घर की खुदाई में अचानक निकला खजाना,42 सिक्के बरामद,मजदूर बोले 30 किलो चांदी निकली ! | SAGAR TV NEWS |
स्कूल शिक्षक के पुराने घर में खुदाई का काम किया जा रहा था लेकिन मजदूर उस समय दंग रह गए जब अचानक जमीन से खजाना निकलने लगा। जी हाँ खुदाई के दौरान पुराने जमाने के चांदी के सिक्के निकलने की खबर आग की तरह फैली और पूरे इलाके में ये बात फ़ैल गयी। मामला दमोह जिले के फुटेरा वार्ड से सामने आया है। जहां मिटटी के घड़े और कांसे के बर्तन में सिक्के मिले हैं। जो ब्रिटिश काल के बताये जा रहे हैं। लेकिन मामला विवादास्पद तब बन गया जब मजदूर द्वारा बताया गया की करीब 30 किलो चांदी की रॉड निकली है जबकि मकान मालिक का कहना है की महज 42 सिक्के ही निकले हैं। फ़िलहाल पुलिस जांच में जुटी है।
बताया गया की फुटेरा वार्ड निवासी स्कूल शिक्षक आलोक सोनी अपने पैतृक पुराने मकान को तुड़वाकर नया मकान बनवा रहे है। जो अचानक सुर्ख़ियों में आ गया। शिक्षक आलोक सोनी खुद पुलिस थाने पहुंचे और बताया की उनके मकान में खुदाई के दौरान 42 चांदी के सिक्के मिले हैं। पुलिस शिक्षक से पूछताछ कर ही रही थी कि इस मकान में मजदूरी करने वाले कुछ मजदूर भी पुलिस थाने पहुंच गए। उन्होंने जो बताया उससे हड़कंप मच गया। मजदूरों के मुताबिक शनिवार को जब वह खुदाई कर रहे थे तो उन्हें पहले जमीन से एक घड़ा मिला जो खाली था।
लेकिन थोड़ा और खोदने पर एक बड़ा मटका नुमा बर्तन मिला जिसके अंदर चांदी के सिक्के और चांदी की रॉड थी जिसका वजन 30 से 35 किलोग्राम था। मजदूर ओमप्रकाश आठ्या की माने तो जब ये खजाना मिला तो मकान मालिक ने उन लोगों को धमकाया और उनके परिजनों ने एक बाल्टी में सारा सामान भरकर रख लिया। शाम को जब मजदूर घर जाने लगे तो मकान मालिक ने उन लोगों को पांच-पांच सौ रुपए देकर जाने दिया। मजदूरों ने अपने गांव पहुंचकर ये किस्सा सुनाया। जहां कुछ लोगों ने यह बात पुलिस को बताने कहा और वो पुलिस थाने पहुंच गए। दमोह पुलिस ने जिला प्रशासन और पुरातत्व विभाग के अफसरों को सूचना दी। जिस पर पूरी टीम मौके पर पहुंची और 42 सिक्के बरामद किए। साथ ही दो मकान भी सील कर दिए।
पुलिस ने बारीकी से जांच पड़ताल की लेकिन ज्यादा कुछ मिला नहीं। पुरातत्व विभाग के अफसरों के मुताबिक जो सिक्के मिले हैं वो ब्रिटिश हुकूमत काल के हैं। जो 100 सालों से ज्यादा पुराने है और पुरातत्व की दृष्टि से बेशकीमती भी है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है।