सागर- पानी की तलाश में गांव पहुंचा चीतल का मासूम शावक! कुत्तों ने किया ह मला, ग्रामीणों ने बचाई जान
भीषण गर्मी और जंगलों में सूखते जल स्रोत अब वन्य प्राणियों के लिए बड़ा संकट बनते जा रहे हैं। सागर जिले के देवरीकलां क्षेत्र के ग्राम खतौला से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। पानी की तलाश में भटकता हुआ एक चीतल का मासूम शावक गांव में घुस आया, लेकिन वहां उस पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। गनीमत रही कि ग्रामीणों की सतर्कता और वन विभाग की तत्परता से उसकी जान बच गई। जानकारी के मुताबिक, सुबह के समय ग्राम खतौला में एक चीतल का बच्चा पानी की तलाश में भटकते हुए आबादी वाले इलाके में पहुंच गया। डरा-सहमा शावक एक घर के अंदर घुस गया। इसी दौरान आसपास मौजूद आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। कुत्तों के झुंड ने चीतल के बच्चे को बुरी तरह घायल कर दिया, जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ग्रामीण यशवंत मरावी ठाकुर और उनके साथियों ने साहस दिखाते हुए कुत्तों से चीतल के बच्चे को बचाया। इसके बाद तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही गौरझामर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल शावक का रेस्क्यू किया। चीमाढाना वीट के वन रक्षक खड़क सिंह लोधी ने बताया कि घायल चीतल का प्राथमिक उपचार कराया गया। पशु चिकित्सकों की टीम ने दवाई और इलाज के बाद उसकी हालत सामान्य बताई। उपचार के बाद वन विभाग ने शावक को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण जंगलों के जल स्रोत सूख चुके हैं, जिसकी वजह से वन्य जीव गांवों की ओर आने को मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगलों में पानी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि बेजुबान वन्य प्राणियों को इस तरह जान जोखिम में डालकर गांवों तक न आना पड़े।