45 डिग्री गर्मी में नंगे पैर पेंशन के लिए भटकती रही 82 साल की बुजुर्ग महिला, शर्मसार करने वाली तस्वीर!
सिस्टम की संवेदनहीनता की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। जहां एक तरफ लोग 45 डिग्री की भीषण गर्मी से बचने के लिए घरों में कैद हैं, वहीं दूसरी तरफ 82 साल की एक बुजुर्ग महिला अपनी बंद पेंशन शुरू कराने के लिए नंगे पैर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है। यह मामला मध्यप्रदेश के सागर संभाग के दमोह जिले के बटियागढ़ जनपद अंतर्गत भिलौनी गांव का है। यहां रहने वाली बुजुर्ग महिला शोभारानी पिछले एक साल से पेंशन बंद होने की वजह से परेशान हैं। बताया जा रहा है कि केवाईसी पूरी न होने के कारण उनकी पेंशन रोक दी गई। लेकिन सवाल यह है कि आखिर एक बुजुर्ग महिला को इतनी भीषण गर्मी में दफ्तर-दफ्तर भटकने पर क्यों मजबूर होना पड़ा?
सबसे भावुक कर देने वाली तस्वीर तब सामने आई, जब बुजुर्ग महिला तपती सड़क पर नंगे पैर चल रही थीं। उनके साथ मौजूद भतीजे ओमप्रकाश विश्वकर्मा से अपनी बुआ की हालत देखी नहीं गई। उन्होंने तुरंत अपने जूते उतारकर बुजुर्ग महिला को पहनाए और खुद तपती सड़क पर नंगे पैर चलते हुए जनपद कार्यालय तक पहुंचे। हैरानी की बात यह है कि कलेक्टर के स्पष्ट आदेश के बावजूद पंचायत स्तर पर केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। जिसकी वजह से एक वृद्ध महिला को अपने हक की पेंशन पाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। यह घटना सरकारी व्यवस्था की लापरवाही और संवेदनहीनता पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।
अब यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं। सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी? और सबसे बड़ा सवाल… क्या शोभारानी जैसी बुजुर्ग महिलाओं को सम्मान के साथ उनका हक मिल पाएगा या उन्हें यूं ही तपती सड़कों पर भटकना पड़ेगा?