Sagar- जमकर लुभा रहा ये मेला, मनोरंजन से लेकर ज़ायका सब कुछ एक जगह, जलपरी है आकर्षण
मेला दिलों का आता है एक बार आके चला जाता है। इसी तरह सागर में लगा हुआ ये मेला भी है जो लोगों को जमकर भा रहा है। मनोरंजन, उत्साह,उमंग थोड़ी बहुत तफरी और मजा कई गुना कैसा हो अगर ये सब एक साथ मिल जाए। और मौक़ा मिले फन करने का अपनी कला का जौहर दिखाने का तो भला कैसा हो। और अगर ये सब एक साथ चाहिए तो सागर में एक ऐसी जगह है जहां ये सब आपको मिल जाएगा। जी हां सागर में लगा है शानदार मेला जिसका नाम है सागर सांसद महोत्सव मेला, जो शहर के खेल परिसर के ठीक बाजू में मौजूद ग्राउंड में लगा हुआ है।
यहां की सबसे बड़ी और दिलचस्प बात है की सागर में पहली बार लोग जलपरी का शो देख सकते हैं। वो भी बहुत आकर्षक दामों में। यहां आकर लोग इस पल को और भी ख़ास बनाते हैं। जलपरी के साथ सेल्फी लेकर तस्वीरें कैद कर लोग एन्जॉय करते हैं। मनोरंजन के लिए कई और भी चीजें हैं। काफी शानदार झूले, मौत का कुआं जहां के करतब देख आप भी दंग राज जाएंगे। इसके अलावा चाट चौपाटी, मनोरंजन के लिए और भी कई सारी चीजें। दिलचस्प बात ये भी है की कई चीजें ऐसी भी हैं जो पहली बार सागर में आई हैं।
शहर में पहली जलपरी का शो दिखाया जा रहा है जिससे लोगों में भारी उत्सुकता है और इन्हे देखने बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। इस मेले में हर रोज सैंकड़ों की संख्या में लोग पहुँच रहे हैं।सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से भी ये जगह एक दम मुफ़ीद है। खरीददारी करने के लिए भी एक से बढ़कर एक चीजें यहां पर मौजूद हैं। चाहे लकड़ी से बनी कुर्सियां हों झूला हो या सोफा सेट या अन्य वस्तुएं हो। महिलाओं का सबसे पसंदीदा बाज़ार जहां पर बेहतरीन से बेहतरीन वस्तुएं मौजूद हैं। घर की सजावट के लिए रखे जाने वाले साजो सामान, वहीं शृंगार में उपयोग आने वाले सामान जहां बड़ी संख्या में युवतियां और महिलाएं खरीदारी करने पहुँच रही हैं।
तो सांसद महोत्सव मेला में मंच के माध्यम से लोग अपनी कला का प्रदर्शन भी दिखा सकते हैं। यहां हर रोज कुछ न कुछ अलग देखने को मिलता है। कोई गाना गुनगुनाता है तो डांस से मनोरंजन करता है तो कोई अपनी कला का जौहर दिखाता है। यहाँ की चाट चौपाटी और खाने के शौक़ीन लोगों के लिए ज़ायकेदार आयटम पहली पसंद बने हुए हैं। यहां एक से बढ़कर एक चीजें मौजूद हैं। बच्चों से लेकर युवाओं और महिलाओं-पुरुषों के लिए बेहतरीन और आकर्षक झूले दुकानें मौजूद हैं। ये मेला अब अपने अंतिम पड़ाव पर है लेकिन यहां का माहौल यहां की रौनक देखते ही बनती है। यहां आकर लोग मानो खो जाते हैं। भला इससे बढ़िया और अच्छी जगह और कौन सी हो सकती है जहां एक साथ इतना कुछ मिल जाए।------