सागर कलेक्टर ने गेहूं उपार्जन घोटाले में तीन अधिकारियों को नोटिस, बिना अनुमति भंडारण पकड़ा गया
सागर जिले में गेहूं उपार्जन केंद्र पर बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सांईखेड़ा वेयर हाउस में संचालित उपार्जन केंद्र की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं पकड़ी गई हैं, जिसके बाद कलेक्टर प्रतिभा पाल ने तीन जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दरअसल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने सांईखेड़ा वेयर हाउस का निरीक्षण किया था। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि बिना वैध अनुमति के वेयर हाउस में सीधे गेहूं का भंडारण कराया जा रहा था। इतना ही नहीं, केंद्र संचालन के लिए जरूरी दस्तावेज और स्वीकृति भी मौके पर उपलब्ध नहीं थी।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इस मामले में बहुउद्देशीय कृषि साख सहकारी संस्था ढाना के समिति प्रबंधक सूर्यकांत दुबे, उपार्जन केंद्र प्रभारी संगीता तिवारी और वेयर हाउस शाखा प्रभारी मुकेश परमार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। नोटिस में साफ कहा गया है कि क्यों न उन्हें उपार्जन कार्य से हटाकर संस्था को ब्लैकलिस्ट किया जाए और पुलिस में मामला दर्ज कराया जाए। जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। बड़ी संख्या में ऐसी गेहूं की बोरियां मिलीं जो बिना सिली हुई थीं। उन पर न तो स्टेंसिल लगाए गए थे और न ही किसानों के कोड लिखे थे। इससे उपज की हेराफेरी और रिकॉर्ड में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
इसके अलावा खरीदी और भंडारण स्थल एक ही होने के बावजूद बोरियों का परिवहन दिखाकर सरकारी धन और समय के दुरुपयोग की बात भी सामने आई है। वेयर हाउस शाखा प्रभारी मुकेश परमार जांच टीम को जरूरी दस्तावेज तक नहीं दिखा सके। यहां तक कि उन्हें केंद्र प्रभारी की जानकारी भी नहीं थी। प्रशासन ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर माना है और इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 और उपार्जन नीति का उल्लंघन बताया है। अब सभी की नजर आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।