MP | 5 दिन में जन्मे 99 नन्हे घड़ियाल, कछुओं ने भी लिया जन्म, चंबल अभ्यारण्य में खुशखबरी !
मध्यप्रदेश के मुरैना स्थित राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य के देवरी इको सेंटर से वन्यजीव संरक्षण को लेकर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। यहां बीते पांच दिनों में 99 नन्हे घड़ियाल अंडों से बाहर निकल चुके हैं। बुधवार को ही 29 नए घड़ियाल शावकों ने जन्म लिया। वहीं दुर्लभ कछुआ प्रजाति “बाटागुर डोंगोंका” के 18 शिशु कछुओं का भी जन्म हुआ है।
देवरी घड़ियाल सेंटर में हर साल चंबल नदी के घाटों से घड़ियालों के अंडे लाकर सुरक्षित तरीके से हैचिंग कराई जाती है। इस बार भी चंबल नदी के रेतीले टापुओं से 200 अंडों को एकत्रित कर सेंटर लाया गया था। मार्च और अप्रैल में मादा घड़ियाल नदी किनारे अंडे देती हैं, जिन्हें पहले करीब 40 दिनों तक प्राकृतिक रेत में ही रखा जाता है। इसके बाद सुरक्षित हैचिंग के लिए इन्हें देवरी सेंटर पहुंचाया जाता है।
वन विभाग के अनुसार, इन अंडों को 30 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान में रखा जाता है, ताकि सही तरीके से शावकों का विकास हो सके। 23 मई को 70 घड़ियाल शावकों ने जन्म लिया था, जबकि बुधवार को 29 और बच्चे बाहर आए। अब तक कुल 99 घड़ियाल जन्म ले चुके हैं। हालांकि कुछ अंडे खराब भी हो गए हैं। बाकी बचे अंडों से जून के पहले सप्ताह तक और शावकों के निकलने की संभावना है।
इसी के साथ अंबाह के उसेट घाट पर बनाई गई अस्थायी कछुआ हैचरी में दुर्लभ बाटागुर डोंगोंका प्रजाति के 18 शिशु कछुओं ने भी जन्म लिया। वन विभाग ने इन कछुओं को सुरक्षित तरीके से चंबल नदी में छोड़ दिया है। चंबल घड़ियाल अभ्यारण्य के एसडीओ और देवरी सेंटर के अधीक्षक श्याम सिंह चौहान ने बताया कि इन नन्हे घड़ियालों को अगले ढाई से तीन साल तक सेंटर में रखा जाएगा। जब उनकी लंबाई करीब 120 सेंटीमीटर हो जाएगी, तब उन्हें चंबल नदी में छोड़ा जाएगा।