MP | 4 मासूमों पर कुदरत का कहर! सूरज की रोशनी बनी दुश्मन, अंधेरे में कैद बचपन | SAGAR TV NEWS |
एक ऐसी दर्दनाक कहानी सामने आई है, जिसे देखकर हर किसी का दिल पसीज जाएगा। यहां एक ही परिवार के चार मासूम बच्चे ऐसी दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे हैं, जिसने उनका बचपन अंधेरे में कैद कर दिया है। हालत ये है कि सूरज की रोशनी भी अब इनके लिए सजा बन चुकी है। मामला एमपी के रीवा जिले से जवा तहसील के देवखर ग्राम पंचायत के कोरियान टोला का है। यहां रहने वाले सुग्रीव कोरी के परिवार में चार बच्चे जन्म से ही गंभीर अनुवांशिक बीमारी का शिकार हैं। बच्चों का पूरा शरीर और बाल सफेद हैं, जबकि आंखों की रोशनी लगातार कमजोर होती जा रही है।
परिवार की तीन बेटियां — 13 वर्षीय प्रियांशु, 9 वर्षीय रिया और 4 वर्षीय अनामिका, साथ ही एक बेटा भी इसी बीमारी से पीड़ित है। परिजनों के मुताबिक जैसे ही बच्चे धूप में निकलते हैं, उनके शरीर में तेज जलन शुरू हो जाती है। आंखों में इतनी परेशानी होती है कि उन्हें दिखाई देना लगभग बंद हो जाता है। कई बार चलते-चलते बच्चे गिरकर घायल भी हो जाते हैं। बीमारी का असर बच्चों की पढ़ाई और मानसिक स्थिति पर भी पड़ रहा है। बड़ी बेटी प्रियांशु किसी तरह स्कूल पहुंच पाती है, लेकिन बाकी बच्चे घर के अंदर अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। परिवार का कहना है कि गांव के कुछ लोग बच्चों का मजाक उड़ाते हैं और उन्हें “अंग्रेज” कहकर बुलाते हैं।
आर्थिक तंगी ने परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मजदूरी और लकड़ी ढोकर घर चलाने वाला यह परिवार बच्चों का इलाज कराने में असमर्थ है। इतना ही नहीं, बायोमैट्रिक सत्यापन नहीं होने के कारण बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा। संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा के मुताबिक यह मेलानिन की कमी से जुड़ी गंभीर अनुवांशिक बीमारी हो सकती है। अब सवाल यह है कि आखिर इन मासूमों की जिंदगी में उजाला कौन लाएगा? क्या शासन-प्रशासन इन बच्चों की मदद के लिए आगे आएगा… या फिर ये मासूम यूं ही अंधेरे में जिंदगी बिताने को मजबूर रहेंगे?