सागर- दीया तले अंधेरा नहीं बल्कि,स्मार्ट सिटी के तले अंधेरा,आखिर कब चालू होंगी बंद स्ट्रीट लाइटें !
स्मार्ट सिटी, ये नाम सुनने में कितना अच्छा मालूम होता है लेकिन हकीकत पर गौर करें और इसके कारनामे गिनाये जाएं तो शायद गिनती ख़त्म नहीं होगी। सागर को स्मार्ट बनाने के जिम्मा भी इन्ही के पास था। सागर कितना स्मार्ट हुआ है अब ये बात भला तो जग जाहिर है। वहीं इसके तहत किये गए विकास कार्य और मेंटनेंस भी अक्सर सवालों के घेरे में रहता है। ताजा मामला ही ले लीजिये। जो की स्ट्रीट लाइटों का है।
जो शहर में अलग-अलग जगहों पर काफी समय से बंद पड़ी हुई हैं। जिन्हे न तो चालु किया जा रहा है न चालु करने की कोशिश की जा रही है। वहीं जब सवाल पूछो तो किसी न किसी पर ये बात डाल दी जाती है। न तो सागर स्मार्ट सिटी के अधिकारी-कर्मचारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं न ही इंजीनयर, आलम ये है की शहर में कई जगहों की स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हुई हैं।
चाहे आप चकराघाट स्थित कॉरिडोर से बस स्टैंड तरफ चले जाएँ या फिर बस स्टैंड से तीली तरफ। यहां की स्ट्रीट लाइट रात के समय में बंद नज़र आएंगी या फिर आधी अधूरी जलती हुई दिखाई देंगी। इसके अलावा बात करें तो संजय ड्राइव से कनेरा चौराहे तक चले जाएं यहां पर भी यही स्थिति देखने को मिलेगी। अब ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है की आखिर स्मार्ट सिटी के जिम्मेदार इस नहीं दे रहे हैं।
आखिर इनका मेंटनेंस क्यों नहीं किया जा रहा। वहीं दूसरी तरफ लोगों में नाराज़गी भी देखने को मिल रही है। और ये स्थति कोई अभी की नहीं है बल्कि करीब 6 से 7 महीने बीत चुके हैं। स्ट्रीट लाइटों के बंद पड़े रहने से सड़कों पर अंधेरा पसरा रहता है। अगर अभी भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो बारिश के समय लोगों को और भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। अब ऐसे में दिलचस्प होगा की आखिर इस तरफ कितना ध्यान दिया जाता है और स्ट्रीट लाइटों का कब तक मेंटनेंस किया जाता है।