गुंडों की पुलिस परेड! कोतवाली पहुंचाए गए हिस्ट्रीशीटर, रोजाना हाजिरी लगाने के निर्देश
अपराधियों और निगरानीशुदा बदमाशों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। सोमवार को एमपी के सागर संभाग के दमोह कोतवाली में शहर के हिस्ट्रीशीटर और गुंडा बदमाशों की विशेष पहचान परेड कराई गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने न सिर्फ उनकी गतिविधियों की जानकारी ली, बल्कि भविष्य में अपराध से दूर रहने की सख्त चेतावनी भी दी। कोतवाली परिसर में आयोजित इस परेड में एडिशनल एसपी सुजीत सिंह भदौरिया, सीएसपी एच.आर. पांडे और कोतवाली टीआई मनीष कुमार मौजूद रहे। पुलिस ने एक-एक कर सभी बदमाशों से पूछताछ की और उनके आपराधिक रिकॉर्ड, वर्तमान कार्य और आय के स्रोतों की जानकारी जुटाई।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी भी बदमाश की गतिविधि संदिग्ध पाई गई या वह दोबारा अपराध में शामिल हुआ, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्हें अपने व्यवहार में सुधार लाने और कानून का पालन करने की नसीहत भी दी गई। एडिशनल एसपी सुजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के निर्देश पर जिले के सभी थानों में निगरानीशुदा अपराधियों की सूची तैयार की गई है। दमोह कोतवाली क्षेत्र में 42 हिस्ट्रीशीटर और 32 गुंडा बदमाशों को चिन्हित किया गया है। इन्हें समय-समय पर थाने बुलाकर उनकी पहचान परेड और सत्यापन किया जाएगा।
इस दौरान बदमाशों से उनके दोस्तों, संपर्कों, उठने-बैठने वाले लोगों और आखिरी बार किए गए अपराध के बारे में भी जानकारी ली गई। साथ ही सभी के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज अपडेट कराने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है, ताकि भविष्य में किसी अपराध की स्थिति में उनकी पहचान और निगरानी आसानी से की जा सके। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि अपराध नियंत्रण की रणनीति का हिस्सा है। उद्देश्य यह है कि बदमाशों पर लगातार नजर रखी जाए और उनके मन में कानून का डर बना रहे। दमोह पुलिस की इस कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिससे शहर में कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।