सागर- खदान का पानी टैंकरों से पहुंच रहा लोगों तक,शाहगढ़ में दूषित पानी का खतरा! उठे गंभीर सवाल
सागर जिले के शाहगढ़ नगर से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां लोगों को सप्लाई किए जा रहे पानी की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि नगर परिषद द्वारा एक पत्थर खदान के पानी को टैंकरों के माध्यम से नगर में पहुंचाया जा रहा है, जबकि कथित तौर पर जांच रिपोर्ट में इस पानी को पीने योग्य नहीं बताया गया था। जानकारी के अनुसार शाहगढ़ नगर में पेयजल संकट के चलते वार्ड नंबर-2 के पास स्थित एक पत्थर खदान से पानी लेकर टैंकरों के जरिए विभिन्न क्षेत्रों में आपूर्ति की जा रही है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इसी खदान में बच्चे नहाते हैं, मवेशी पानी पीते हैं और लंबे समय से यह पानी खुले वातावरण में जमा है।
नागरिकों का कहना है कि यदि यह पानी वास्तव में पीने योग्य नहीं है, तो इसका उपयोग शादी-विवाह और अन्य आयोजनों में पेयजल के रूप में किया जाना लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पानी की गुणवत्ता की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि कुछ समय पहले पानी के नमूनों की जांच कराई गई थी, जिसमें गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे थे। हालांकि इस संबंध में संबंधित विभाग की आधिकारिक और ताजा रिपोर्ट सामने आना अभी बाकी है।
वहीं नगर परिषद की ओर से टैंकरों पर "पीने योग्य नहीं" लिखवाए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बावजूद यदि इस पानी का उपयोग पेयजल के रूप में हो रहा है, तो यह चिंता का विषय माना जा रहा है। शाहगढ़ में इस समय पेयजल संकट गहराया हुआ है और लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बन जाती है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है और वे प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग पानी की गुणवत्ता को लेकर क्या स्पष्ट करता है और लोगों की सुरक्षा के लिए कौन से कदम उठाए जाते हैं।