सागर कलेक्टर के सामने फूट-फूटकर रोया पीड़ित, अवैध टोल और किसानों के भुगतान का मुद्दा भी गरमाया
सागर जिले के मालथौन एसडीएम कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई उस समय भावुक हो गई, जब एक पीड़ित अपनी व्यथा सुनाते-सुनाते कलेक्टर प्रतिभा पाल के सामने फूट-फूटकर रो पड़ा। उसकी दर्दभरी आवाज सुनकर वहां मौजूद अधिकारी और आमजन भी भावुक हो गए। पीड़ित ने कहा, "इस दुनिया में गरीब और निर्धन का कोई नहीं है..."। मामला गंभीर देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई में खिरिया निवासी जवाहर सिंह ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गया है। मजदूरी बंद होने से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि पुलिस और अन्य विभागों से उसे कोई मदद नहीं मिली। कलेक्टर ने मामले का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए।
वहीं एक अन्य मामला भी चर्चा में रहा, जहां एक युवक अपनी आठ महीने से लापता पत्नी की तलाश की मांग लेकर पहुंचा। युवक ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया और जमकर हंगामा किया। पुलिसकर्मियों को उसे कई बार शांत कराने का प्रयास करना पड़ा। जनसुनवाई में मालथौन-खिमलासा रोड पर संचालित टोल प्लाजा का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि सड़क जर्जर हालत में है, इसके बावजूद टोल वसूली जारी है। उन्होंने 12 किलोमीटर के दायरे में दो टोल बूथ संचालित होने को नियम विरुद्ध बताते हुए कार्रवाई की मांग की।
इसके अलावा कई किसान भी अपनी समस्या लेकर पहुंचे। किसानों ने बताया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं, चना और मसूर बेचने के एक महीने बाद भी भुगतान नहीं मिला है। इस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को लंबित राशि जल्द जारी कराने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के बाद कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। अस्पताल के शौचालयों की बदहाल स्थिति देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण किया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। यह जनसुनवाई समस्याओं के समाधान के साथ-साथ लोगों के दर्द और उम्मीदों का भी बड़ा मंच बन गई।