सागर- पानी-पानी हुई व्यवस्था ! ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, अधिकारियों के सामने खोली पोल | SAGAR TV |
सागर जिले के बीना क्षेत्र के कंजिया ग्राम पंचायत में आयोजित क्लस्टर बैठक उस समय चर्चा का केंद्र बन गई, जब पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा अधिकारियों के सामने फूट पड़ा। लोगों ने खुलकर बताया कि कहीं 6 महीने से नल सूखे पड़े हैं तो कहीं 2 साल से पानी की एक बूंद तक नहीं पहुंची। कलेक्टर के निर्देश पर बुलाई गई इस बैठक में 13 ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि और ग्रामीण शामिल हुए।
कंजिया ग्राम पंचायत में आयोजित बैठक में पेयजल संकट सबसे बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए जल व्यवस्था की हकीकत बयान की। चांद खान और आकूब खान ने बताया कि उनके मोहल्ले की पाइपलाइन से पिछले 6 महीने से पानी की सप्लाई बंद है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
वार्ड क्रमांक 4 के निवासी संजू विश्वकर्मा ने अधिकारियों को बताया कि उनके मोहल्ले में पिछले दो वर्षों से नल कनेक्शन ही नहीं लगाए गए हैं। वहीं वार्ड क्रमांक 1 की आदिवासी बस्ती की पंच गुड्डी बाई और वार्ड क्रमांक 11 की लक्ष्मीबाई ने कहा कि उनके यहां तीन बार नल-टोटी लगाई गई, लेकिन आज तक पानी नहीं पहुंचा।
इससे महिलाओं और बच्चों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। वार्ड क्रमांक 16 के सानू अली और इसरार कुरैशी ने भी अधिकारियों के सामने अपनी परेशानी रखी। उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र में भी करीब 6 महीने से पानी की सप्लाई ठप है। ग्रामीणों ने कहा कि गर्मी के इस मौसम में पानी की समस्या ने जीवन मुश्किल कर दिया है।
बैठक में कंजिया के उपसरपंच शहजाद हुसैन ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पेयजल व्यवस्था की बदहाली का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। इसके बाद जनपद पंचायत के सीईओ प्रदीप पाल की मौजूदगी में अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर बंद नल-जल योजनाओं को चालू करने का आश्वासन दिया। साथ ही आदिवासी बस्तियों में तत्काल वैकल्पिक जल व्यवस्था के निर्देश भी दिए गए। अब देखना होगा कि अधिकारियों के आश्वासन जमीनी स्तर पर कितने कारगर साबित होते हैं। फिलहाल ग्रामीणों को उम्मीद है कि वर्षों से चली आ रही पानी की समस्या का समाधान जल्द होगा।