जागेश्वर धाम कॉरिडोर को समर्थन, लेकिन व्यापारियों की बड़ी मांग! आबादी भूमि के पट्टे और विस्थापितों की उठी आवाज
एमपी के सागर संभाग के दमोह जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जागेश्वर धाम बांदकपुर में बनने जा रहे भव्य कॉरिडोर को लेकर जहां लोगों में उत्साह है, वहीं स्थानीय व्यापारियों और रहवासियों ने अपनी कुछ महत्वपूर्ण मांगों को लेकर कलेक्टर से मुलाकात की है। बुधवार को बड़ी संख्या में व्यापारी और स्थानीय प्रतिनिधि कलेक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर आबादी क्षेत्र की भूमि के पट्टे तथा विस्थापित दुकानदारों के पुनर्वास की मांग की। जागेश्वर धाम बांदकपुर प्रदेश के प्रमुख आस्था केंद्रों में शामिल है। यहां प्रस्तावित भव्य कॉरिडोर को लेकर लोगों का कहना है कि इससे क्षेत्र का विकास होगा और पर्यटन के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। लेकिन कॉरिडोर निर्माण के दौरान प्रभावित होने वाले स्थानीय लोगों और व्यापारियों की चिंताएं भी सामने आई हैं।
बांदकपुर के सरपंच सुनील डब्लूया ने बताया कि खसरा नंबर 180 आबादी क्षेत्र में आता है, जहां वर्षों से लोग निवास कर रहे हैं। ऐसे लोगों को भूमि के वैध पट्टे दिए जाने चाहिए ताकि भविष्य में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। व्यापारियों ने यह भी मांग की कि यदि कॉरिडोर निर्माण के दौरान दुकानों को हटाया जाता है, तो प्रभावित व्यापारियों को नई दुकानों का आवंटन प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि मंदिर प्रशासन या सरकार द्वारा निर्मित दुकानों को लागत मूल्य से कम दरों पर उपलब्ध कराया जाए। वहीं फुटपाथ पर व्यवसाय करने वाले छोटे दुकानदारों को भी रियायती किराए पर दुकानें दी जाएं।
ज्ञापन में बांदकपुर की एक और बड़ी समस्या—जलभराव—का मुद्दा भी उठाया गया। व्यापारियों का कहना है कि नालों पर अतिक्रमण के कारण हर बारिश में क्षेत्र में पानी भर जाता है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी होती है। इसलिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि व्यापारियों का ज्ञापन प्राप्त हुआ है। सभी मांगों का परीक्षण किया जाएगा और नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।