स्टोन क्रेशर के खिलाफ ग्रामीणों का शंखनाद! पट्टा निरस्त नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
एमपी के सागर संभाग के छतरपुर जिले के बक्सवाहा क्षेत्र में प्रस्तावित स्टोन क्रेशर प्लांट को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। गढ़ीसेमरा पंचायत के टाटोन गांव में स्वीकृत खनिज पट्टे और प्रस्तावित क्रेशर प्लांट के विरोध में सैकड़ों ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंच गए। ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर पट्टा तत्काल निरस्त करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि मांग नहीं मानी गई तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा। बक्सवाहा क्षेत्र पहले से ही कई स्टोन क्रेशर प्लांटों के संचालन को लेकर चर्चाओं में रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में संचालित कई क्रेशर प्लांटों से अवैध खनन, ब्लास्टिंग, ओवरलोडिंग और पर्यावरण प्रदूषण जैसी समस्याएं पैदा हो रही हैं। ऐसे में टाटोन गांव में एक नए क्रेशर प्लांट की स्वीकृति ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत की अनुमति और अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना ही खनिज पट्टा स्वीकृत कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि आबादी और कृषि भूमि के पास क्रेशर प्लांट स्थापित किया गया तो उड़ने वाली धूल किसानों की फसलों और जमीन को नुकसान पहुंचाएगी। साथ ही लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ेगा। ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्रामीणों में महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल थे। खास बात यह रही कि लगभग 80 वर्षीय भूरी बाई भी ग्रामीणों के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि वे अपने गांव और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी परियोजना को स्वीकार नहीं करेंगे।
ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि क्रेशर प्लांट के लिए पंचायत से कोई औपचारिक अनुमति नहीं ली गई है। इसलिए पूरे मामले की जांच कर पट्टा निरस्त किया जाना चाहिए। वहीं बक्सवाहा तहसीलदार भरत पांडे ने बताया कि ग्रामीणों का ज्ञापन प्राप्त कर लिया गया है और इसे संबंधित अधिकारियों तक भेजा जाएगा। मामले की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।