आंधी ने उजाड़ी उम्मीदें ! केले की फसल पर कहर, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर और खंडवा में आई तेज आंधी और तूफान ने हजारों किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। केले की फसल को हुए भारी नुकसान के बाद अब सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस ने प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकार को निशाने पर लेते हुए किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की है। बुरहानपुर और खंडवा जिले, जिन्हें प्रदेश का केला हब माना जाता है, वहां हाल ही में आए आंधी-तूफान ने तबाही मचा दी। खेतों में खड़ी केले की फसल जमीन पर बिछ गई। कई किसानों की पूरी फसल बर्बाद हो गई है। प्रारंभिक आकलन के मुताबिक करीब 150 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। फसल चौपट होने से किसान गहरे आर्थिक संकट में पहुंच गए हैं।
इस मुद्दे को लेकर भोपाल में कांग्रेस ने प्रेस वार्ता की। प्रदेश कांग्रेस सचिव और पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू है, जिससे किसानों को प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत मिलती है, लेकिन मध्यप्रदेश के किसान ऐसी सुविधा से वंचित हैं। कांग्रेस का दावा है कि एक हेक्टेयर में केले की खेती पर करीब 6 लाख रुपए तक लागत आती है, जबकि नुकसान होने पर किसानों को महज 1 से 2 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाता है। ऐसे में किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।
कुणाल चौधरी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश की मोहन यादव सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में खाद की किल्लत बनी हुई है और किसान समय पर खाद नहीं मिलने से परेशान हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि प्रभावित किसानों को तत्काल विशेष राहत पैकेज दिया जाए और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। केले की फसल पर आई इस प्राकृतिक मार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब निगाहें सरकार पर टिकी हैं कि किसानों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल खेतों में बर्बादी का मंजर है और किसान मदद की आस लगाए बैठे हैं।