ए भाई ज़रा देख के चलो, पानी में फिसलकर गिरे युवक का वीडियो वायरल, सड़क बनी तालाब, राहगीर हुए बेहाल !
ए भाई ज़रा देख के चलो, आगे ही नहीं पीछे भी..." फिल्मी गीत की ये लाइनें इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो पर बिल्कुल फिट बैठती नजर आ रही हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां बारिश नहीं हुई, बल्कि सड़क पर फैले पानी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। नतीजा यह हुआ कि एक राहगीर सड़क पर चलते-चलते फिसल गया और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। शहर की एक सड़क पर बड़ी मात्रा में पानी जमा हो गया था।
सड़क पर बह रहे पानी के कारण लोगों को यह अंदाजा ही नहीं लग पा रहा था कि नीचे सड़क है या कोई गड्ढा। इसी दौरान एक युवक वहां से गुजर रहा था। जैसे ही उसने आगे कदम बढ़ाया, उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर पड़ा। घटना का वीडियो आसपास मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो देखने वाले लोग जहां एक तरफ युवक के गिरने पर हैरानी जता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सड़क पर फैले पानी और व्यवस्थाओं पर सवाल भी उठा रहे हैं।
भीषण गर्मी के बीच इंदौरवासियों के लिए एक बड़ी चिंता सामने आई है। शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली नर्मदा परियोजना की मुख्य पाइपलाइन महू के पास अचानक फूट गई। पाइपलाइन टूटते ही लाखों लीटर पानी सड़क पर बहने लगा और देखते ही देखते पूरा इलाका तालाब में तब्दील हो गया। इस घटना के बाद शहर के बड़े हिस्से में जल संकट की आशंका गहरा गई है। एमपी के महू के ड्रीमलैंड क्षेत्र के पास जलूद से इंदौर आने वाली 1700 एमएम व्यास की नर्मदा पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन की वेल्डिंग टूटने से तेज दबाव के साथ पानी बाहर निकलने लगा। सड़कें जलमग्न हो गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालक पानी से भरी सड़क पर फिसलते और संभलते नजर आए।
यह पाइपलाइन इंदौर शहर की जलापूर्ति का प्रमुख स्रोत है, जो करीब 70 किलोमीटर दूर जलूद से पानी लेकर आती है। पाइपलाइन फूटने के कारण लाखों लीटर पानी बर्बाद हो गया। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, यदि मरम्मत कार्य में देरी होती है तो शहर के कई इलाकों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल और जल कार्य समिति प्रभारी अभिषेक बबलू शर्मा ने बताया कि पाइपलाइन की मरम्मत युद्धस्तर पर की जा रही है। लेकिन मरम्मत और जल प्रवाह सामान्य होने में कई घंटे लग सकते हैं। ऐसे में शहर की लगभग 51 पानी की टंकियों तक समय पर पानी नहीं पहुंच पाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक शहर के करीब 40 प्रतिशत हिस्से में जलापूर्ति प्रभावित होने की संभावना है। हालांकि प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत पड़ने पर टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। निगम ने नागरिकों से अपील की है कि पानी का उपयोग सावधानी से करें और अनावश्यक बर्बादी से बचें। फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग यही कह रहे हैं... "भाई जरा देख के चल, आगे ही नहीं... पीछे भी!" लेकिन सवाल यह भी है कि आखिर सड़कों पर ऐसे हालात बनने क्यों दिए जा रहे हैं?