सागर- चाचा, अभी नक्शा हो जाने दो...ऑडियो आया सामने, किसान की हत्या के बाद कॉलोनाइजरों पर गंभीर आरोप
सागर के अमावनी गांव में किसान नंदराम पटेल की मौत के बाद मामला लगातार गरमाता जा रहा है। अब मृतक के बड़े बेटे आशीष पटेल ने अवैध कॉलोनी विकसित करने वाले शिवराज शुक्ला और आनंद गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने पुलिस को दो ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी हैं, जिन्हें इस पूरे विवाद का अहम सबूत बताया जा रहा है। आशीष पटेल का आरोप है कि उनकी चार एकड़ कृषि भूमि के पास कॉलोनी विकसित की जा रही थी। जमीन की सीमांकन प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही कॉलोनाइजरों द्वारा जेसीबी मशीन चलाकर खेत की फेंसिंग उखाड़ दी गई। खेत में लगे खंभे हटाए गए और हरे-भरे पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
परिजनों का दावा है कि ऑडियो रिकॉर्डिंग में कॉलोनाइजर स्वयं "चाचा-चाचा" कहकर अनुरोध करते सुनाई दे रहे हैं कि पहले जमीन का सीमांकन और नक्शा पूरा हो जाने दिया जाए, उसके बाद कोई कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इसके बावजूद मौके पर जेसीबी चलाकर खेत की सुरक्षा फेंसिंग को हटाया गया। मृतक के बेटे का कहना है कि इसी विवाद के चलते 3 जून को कुछ लोग उनकी जमीन पर पहुंचे और जब उनके पिता नंदराम पटेल ने विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि बल्ली, डंडे और तलवार से किए गए हमले में नंदराम गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सागर-खुरई मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। पुलिस ने पहले हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था, लेकिन नंदराम पटेल की मौत के बाद अब प्रकरण में हत्या की धारा जोड़ दी गई है। पुलिस मामले में सभी आरोपों, ऑडियो रिकॉर्डिंग और जमीन विवाद से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। अमावनी का यह मामला अब केवल जमीन विवाद नहीं, बल्कि किसान की मौत और कथित अवैध कॉलोनाइजेशन के गंभीर आरोपों तक पहुंच चुका है। ऑडियो सामने आने के बाद जांच और भी अहम हो गई है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या सच सामने आता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।