स्मार्ट मीटर बना झटका मीटर? बिजली बिल बढ़ने पर उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा, बिजली दफ्तर का घेराव
मध्यप्रदेश के मंदसौर में स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी द्वारा लगाए गए स्मार्ट मीटरों के बाद बिजली बिलों में भारी बढ़ोतरी का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग कार्यालय का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके बिजली बिल कई गुना बढ़ गए हैं, जिससे आम परिवारों का बजट बिगड़ गया है। मंदसौर शहर के स्टेडियम मार्केट स्थित विद्युत वितरण केंद्र पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष पहुंचे। उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और बढ़े हुए बिजली बिलों को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि जिन घरों में पहले 200 से 500 रुपये तक मासिक बिजली बिल आता था, वहां अब 4 से 5 हजार रुपये तक के बिल भेजे जा रहे हैं। इससे लोगों में भारी नाराजगी है। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं का गुस्सा सबसे ज्यादा देखने को मिला। उनका कहना था कि महंगाई के इस दौर में पहले से ही घर चलाना मुश्किल है, ऊपर से स्मार्ट मीटर ने आर्थिक बोझ और बढ़ा दिया है। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे स्मार्ट मीटर निकालकर उनकी होली जलाने को मजबूर होंगी।
उपभोक्ताओं के बढ़ते विरोध को देखते हुए विद्युत विभाग के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया कि स्मार्ट मीटरों की जांच कराई जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर पुराने मीटरों से तुलना भी की जाएगी। साथ ही अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने तक किसी भी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा और विवादित बिलों के भुगतान के लिए भी फिलहाल राहत दी जाएगी। स्मार्ट मीटरों को बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए लगाया गया था, लेकिन मंदसौर में यही मीटर अब विवाद का कारण बन गए हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि आखिर बढ़े हुए बिलों के पीछे तकनीकी गड़बड़ी है या कुछ और।