कोयला खदान के मलबे में दबे मजदूर, 2 की मौत, 4 जिंदगी से जंग लड़ रहे
एमपी के शहडोल जिले में स्थित एसईसीएल की बंगवार भूमिगत कोयला खदान में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। खदान के अंदर अचानक कोयले की सिम ढहने से कई श्रमिक मलबे में दब गए। हादसे के बाद खदान क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दो श्रमिकों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि चार मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं और जिंदगी-मौत की जंग लड़ रहे हैं। हालांकि घटना को लेकर अभी तक आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जानकारी के अनुसार धनपुरी थाना क्षेत्र में स्थित एसईसीएल के सोहागपुर एरिया की बंगवार अंडरग्राउंड कोल माइंस में नियमित कार्य के दौरान अचानक कोयले की सिम भरभराकर गिर गई। देखते ही देखते कई श्रमिक मलबे की चपेट में आ गए। हादसे के बाद खदान के अंदर चीख-पुकार मच गई।
बताया जा रहा है कि कोयला गिरने के तुरंत बाद दो श्रमिकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद काफी देर तक राहत एवं बचाव कार्य शुरू नहीं हो सका, जिससे श्रमिकों और उनके परिजनों में भारी नाराजगी देखी गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद सोहागपुर एरिया की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और मलबे में दबे छह मजदूरों को बाहर निकाला गया। गंभीर रूप से घायल चार श्रमिकों को पहले बुढ़ार सेंट्रल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए शहडोल के निजी अस्पताल में रेफर किया गया।
घटना को लेकर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि मजदूरों से पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के बिना ही जोखिम भरा काम कराया जा रहा था। इतना ही नहीं, हादसे के करीब एक घंटे बाद तक स्थानीय पुलिस को भी सूचना नहीं दी गई। क्षेत्रीय जनपद सदस्य अभिषेक द्विवेदी ने खदान प्रबंधन और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मजदूरों का लगातार शोषण किया जा रहा है। उन्होंने मृतक श्रमिकों के परिवारों को उचित मुआवजा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल हादसे की जांच की मांग तेज हो गई है। सभी की नजर अब एसईसीएल प्रबंधन और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर इस दर्दनाक हादसे के जिम्मेदारों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।