क्राइम ब्रांच और पुलिस ने 6600 नशीले इंजेक्शन जब्त, 2 मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव समेत 6 गिरफ्तार
एमपी के जबलपुर में नशे के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नशीले इंजेक्शनों की बड़ी खेप पकड़ी गई है। पुलिस ने दो मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव यानी एमआर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 6600 नशीले इंजेक्शन, एक ई-रिक्शा और कई मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इस कार्रवाई ने शहर में सक्रिय नशे के बड़े नेटवर्क का खुलासा कर दिया है। जानकारी के मुताबिक बेलबाग थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश से रीवा, सतना और कटनी होते हुए नशीले इंजेक्शनों की खेप जबलपुर पहुंचाई गई है। सूचना के आधार पर एसपी संपत उपाध्याय के निर्देशन में एएसपी क्राइम जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
कार्रवाई के दौरान रामलीला मैदान के पास एक ई-रिक्शा को रोककर तलाशी ली गई। इसमें 3200 नशीले इंजेक्शन बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी दुर्गा पटेल ने पूरे सप्लाई नेटवर्क का खुलासा कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने अमजद खान, मोहम्मद आरिफ और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी उत्तर प्रदेश से सस्ते दामों में इंजेक्शन मंगवाते थे और फिर उन्हें नशे के आदी लोगों को महंगे दामों पर बेचते थे। पुलिस के अनुसार आरोपी एविल और बुप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन का कॉम्बो बनाकर सिरिंज के जरिए 300 से 500 रुपए प्रति डोज में बेचते थे।
इसी दौरान आधारताल थाना पुलिस ने अलग कार्रवाई करते हुए एक अन्य आरोपी गीतांशु साहू को 3400 नशीले इंजेक्शनों के साथ गिरफ्तार किया। इस तरह कुल 6600 इंजेक्शन पुलिस के हाथ लगे हैं। पुलिस का कहना है कि यह केवल शुरुआती सफलता है। जांच में कई और नाम सामने आए हैं और इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड की तलाश जारी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। जबलपुर में नशे के कारोबार पर पुलिस की यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। सवाल यह है कि युवाओं को जहर बेचने वाले इस नेटवर्क की जड़ें आखिर कितनी गहरी हैं? इसका खुलासा आने वाले दिनों में जांच के बाद होगा।