सागर- अमावनी हत्याकांड में दो कॉलोनाइजरों को हिरासत में लेकर की पूछताछ, 8 आरोपी को भेजा जेल
सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र के अमावनी गांव में जमीनी विवाद ने खूनी रूप ले लिया। खेती की जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में एक बुजुर्ग की बेरहमी से पिटाई की गई, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इस सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो कॉलोनाइजरों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामला 3 जून का है। अमावनी निवासी वर्षा पटेल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके ससुर नंदराम पटेल की करीब चार एकड़ कृषि भूमि है। आरोप है कि पास में प्लाटिंग कर रहे कुछ लोगों ने जमीन की सीमा पर लगी तार फेंसिंग और लकड़ी की बल्लियां उखाड़ना शुरू कर दिया।
जब नंदराम पटेल ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी, डंडों, लकड़ी की बल्लियों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में नंदराम गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जमीन पर कब्जे की नीयत से यह हमला किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मोतीनगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यशवंत उर्फ विकास खटीक, ध्रुव अहिरवार, दिलीप अहिरवार, हुकुमचंद कोरी, विनोद पटेल, दयाराम कुशवाहा, अंकित कोरी और शाहरुख राईन समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने प्लाटिंग से जुड़े शिवराज शुक्ला और आनंद गुप्ता को भी हिरासत में लिया है। दोनों से वारदात और जमीन विवाद को लेकर पूछताछ की जा रही है। उधर मृतक के बेटे आशीष पटेल ने आरोप लगाया है कि आरोपी उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करना चाहते थे और विरोध करने पर उनके पिता की हत्या कर दी गई। अमावनी हत्याकांड ने एक बार फिर जमीन विवादों को लेकर बढ़ती हिंसा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और पूछताछ के आधार पर आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।