सागर- किसान की हत्या में कोर्ट पहुंचे शिवराज शुक्ला, आनंद गुप्ता और यशवंत खटीक को भेजा गया जेल
सागर के अमावनी गांव में हुए किसान हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जमीनी विवाद में बुजुर्ग किसान नंदराम पटेल की मौत के मामले में मोतीनगर पुलिस ने पूछताछ के बाद शिवराज शुक्ला, आनंद गुप्ता और यशवंत खटीक को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें केंद्रीय जेल सागर भेज दिया गया। इस मामले में पहले ही आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पुलिस लगातार पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र स्थित अमावनी गांव में जमीनी विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया था। आरोप है कि करीब चार एकड़ कृषि भूमि की सीमा पर लगी फेंसिंग और लकड़ी की बल्लियां कुछ लोगों द्वारा हटाई जा रही थीं। जब जमीन मालिक नंदराम पटेल ने इसका विरोध किया तो विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने उन पर लाठी, डंडों, लकड़ी की बल्लियों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल हुए नंदराम पटेल को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया और परिजनों ने आरोप लगाया कि जमीन पर कब्जा करने की नीयत से यह हमला किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मोतीनगर थाना पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यशवंत उर्फ विकास खटीक, ध्रुव अहिरवार, दिलीप अहिरवार, हुकुमचंद कोरी, विनोद पटेल, दयाराम कुशवाहा, अंकित कोरी और शाहरुख राईन समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसी क्रम में प्लाटिंग से जुड़े शिवराज शुक्ला और आनंद कुमार गुप्ता को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शनिवार को मोतीनगर पुलिस ने शिवराज शुक्ला, आनंद गुप्ता और यशवंत खटीक को न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों को केंद्रीय जेल सागर भेजने के आदेश दिए।
मृतक के बेटे आशीष पटेल का आरोप है कि उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी और विरोध करने पर उनके पिता की हत्या कर दी गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। इस हत्याकांड ने एक बार फिर जमीन विवादों को लेकर बढ़ती हिंसा और कानून व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।