उड़ गए टीन शेड और सोलर पैनल, 40 किमी की रफ्तार से चली आंधी, कुदरत का कहर !
मौसम ने अचानक ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि लोगों की जिंदगी कुछ ही मिनटों में अस्त-व्यस्त हो गई। तेज आंधी और बारिश ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक भारी नुकसान पहुंचाया है। करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने घरों की छतें उखाड़ दीं, सोलर पैनल हवा में उड़ गए और कई परिवारों को खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर कर दिया।
एमपी के सीहोर जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में रविवार को मौसम ने अचानक करवट ली। देखते ही देखते आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग के अनुसार, आंधी की रफ्तार करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिसने शहर और ग्रामीण इलाकों में व्यापक नुकसान पहुंचाया।
सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर देखने को मिला। तेज हवाओं की वजह से कई मकानों की छतों पर लगी सोलर प्लेटें उखड़कर दूर जा गिरीं। जिन लोगों ने बिजली बचत और वैकल्पिक ऊर्जा के लिए हजारों रुपये खर्च कर सोलर सिस्टम लगाए थे, उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। कई जगहों पर सोलर पैनल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि झुग्गी-झोपड़ियों और छोटे मकानों पर लगे टीन शेड भी उड़ गए। कई परिवारों के आशियाने क्षतिग्रस्त हो गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। तेज हवाओं के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में पेड़ और बिजली के खंभे भी धराशायी हो गए, जिससे बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई।
बारिश के चलते कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। जगह-जगह पेड़ों की टहनियां और मलबा गिरने से यातायात भी प्रभावित रहा। प्रभावित नागरिकों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर जल्द राहत और मुआवजा देने की मांग की है। वहीं मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
सीहोर में आई इस तेज आंधी और बारिश ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि प्राकृतिक आपदाएं कभी भी और कहीं भी बड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं। फिलहाल प्रशासन नुकसान का आकलन करने में जुटा है, जबकि प्रभावित परिवार जल्द राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों से भी सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।