लोहे से भरा ट्रक पलटा, NHAI की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, नागा घाटी फिर बनी हादसों की घाटी !
एमपी के जबलपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की नागा घाटी एक बार फिर बड़े हादसे की गवाह बनी है। सोमवार दोपहर रायपुर से जबलपुर की ओर लोहा लेकर जा रहा एक ट्रक घाटी के पास अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में चालक और कंडक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि ट्रक में भरा भारी मात्रा में लोहा सड़क किनारे बिखर गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने लगातार हो रही दुर्घटनाओं के लिए एनएचएआई को जिम्मेदार ठहराया। जानकारी के अनुसार ट्रक रायपुर से लोहे का माल लेकर जबलपुर जा रहा था। जैसे ही वाहन बरेला थाना क्षेत्र की नागा घाटी के पास पहुंचा, अचानक चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और ट्रक सड़क किनारे पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक के परखच्चे उड़ गए और उसमें लदा लोहा सड़क के आसपास बिखर गया।
घटना की सूचना मिलते ही बरेला थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। घायल चालक और कंडक्टर को तत्काल 108 एंबुलेंस की सहायता से मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
उनका कहना है कि नागा घाटी में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियां कोई ठोस कदम नहीं उठा रही हैं। स्थानीय निवासी आशीष कुमार शुक्ला ने आरोप लगाया कि सड़क का डिजाइन और ढलान भारी वाहनों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है, जिसके कारण बार-बार हादसे हो रहे हैं।
लोगों का कहना है कि एनएचएआई और जिला प्रशासन को कई बार इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए। उनका मानना है कि घाटी में अतिरिक्त स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक और सुरक्षा उपायों की तत्काल आवश्यकता है, ताकि वाहनों की गति नियंत्रित की जा सके और दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। लगातार हो रहे हादसों ने नागा घाटी को दुर्घटनाओं का हॉटस्पॉट बना दिया है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन चालक और कंडक्टर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अब सवाल यह है कि आखिर कब तक इस घाटी में हादसे होते रहेंगे और जिम्मेदार एजेंसियां कब जागेंगी? फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच और सुरक्षा उपायों की समीक्षा का आश्वासन दिया है।