डबल लॉक केंद्र से गायब हुई 640 बोरी DAP, किसानों का फूटा गुस्सा, खाद घोटाले की आशंका !
खाद वितरण व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। एमपी के गुना जिले के बमोरी क्षेत्र के एक डबल लॉक केंद्र से 640 बोरी डीएपी खाद गायब होने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि केंद्र पर डीएपी और यूरिया का पर्याप्त स्टॉक मौजूद था, लेकिन पोर्टल पर स्टॉक अपडेट नहीं किया गया। नतीजा यह हुआ कि किसान घंटों लाइन में खड़े रहे और उन्हें खाद नहीं मिल सकी। अब इस पूरे मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और खाद वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला बमोरी क्षेत्र के बागोरी डबल लॉक केंद्र का है। जानकारी के अनुसार केंद्र में करीब 25 हजार बोरी यूरिया और 640 बोरी डीएपी उपलब्ध थी। लेकिन केंद्र प्रभारी द्वारा पोर्टल पर स्टॉक अपडेट नहीं किया गया। इसी बीच छुट्टी के दिन डीएपी की 640 बोरियां केंद्र से गायब हो गईं। जब किसानों को खाद नहीं मिली और मामला सामने आया तो हड़कंप मच गया। खरीफ सीजन की तैयारी में जुटे किसान खाद लेने के लिए केंद्र पहुंच रहे थे, लेकिन पोर्टल पर स्टॉक शून्य दिखने के कारण वितरण प्रक्रिया प्रभावित रही। किसान घंटों तक कतारों में खड़े रहे और निराश होकर लौटना पड़ा। इससे किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि समय पर खाद नहीं मिलने से खेती का काम प्रभावित हो रहा है।
मामले को लेकर बमोरी विधायक ऋषि अग्रवाल ने भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने खाद वितरण में भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए कहा कि आखिर 640 बोरी डीएपी कहां गई, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। विधायक ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि किसानों की समस्या उठाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और पोर्टल पर स्टॉक अपडेट कराया गया। इसके बाद खाद वितरण की प्रक्रिया शुरू हो सकी। वहीं कृषि विभाग के अधिकारी भी इस पूरे घटनाक्रम से हैरान नजर आ रहे हैं और मामले की जांच की बात कह रहे हैं। खरीफ सीजन के ठीक पहले खाद की कमी और स्टॉक में गड़बड़ी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सवाल यह है कि डबल लॉक केंद्र जैसी सुरक्षित व्यवस्था से 640 बोरी डीएपी आखिर कहां गायब हो गई? क्या यह महज लापरवाही है या फिर किसी बड़े खेल की ओर इशारा? अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं, जिससे इस रहस्य से पर्दा उठ सके।