Sagar-गारंटी अवधि में फटी पानी की टंकी, एजेंसी से शिकायत के बाद भी नहीं बदली, अब ब्याज समेत भरना होगा जुर्माना
सागर जिला उपभोक्ता आयोग ने गारंटी अवधि में पानी की टंकी फटने के मामले में निर्णय सुनाते हुए विक्रेता को उपभोक्ता के लिए नई पानी की टंकी देने के साथ पुरानी टंकी की क्रय राशि 6 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। साथ ही सेवा में कमी के लिए 5000 और परिवाद व्यय राशि 2000 रुपए दो माह में अदा करने का आदेश दिया है। यह फैसला राजेश कुमार कोष्टा की अदालत ने सुनाया है। मामले की पैरवी अधिवक्ता रूपेश सोनी ने की। गोपालगंज निवासी रूपेश सोनी ने 2020 में उपकार एजेंसी के प्रो. सौरभ जैन से 1100 लीटर क्षमता की प्लास्टिक पानी की टंकी 5100 रुपए में खरीदी थी। टंकी पर 10 साल की गारंटी दी गई थी। उपभोक्ता का आरोप था कि करीब चार साल बाद गारंटी अवधि के दौरान ही टंकी फट गई और पानी का रिसाव शुरू हो गया। शिकायत करने पर विक्रेता ने टंकी बदलने के बजाय उपभोक्ता को टालमटोल किया
जिससे उसे आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव झेलना पड़ा। इसके बाद उपभोक्ता फोरम में शिकायत की। सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि टंकी गारंटी अवधि के भीतर खराब हुई थी और विक्रेता उपभोक्ता को उचित सेवा उपलब्ध कराने में असफल रहा। आयोग ने इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत सेवा में कमी माना, जिसके बाद फैसला सुनाते हुए विक्रेता को निर्देश दिए हैं कि वह उपभोक्ता को टंकी की कीमत 6 प्रतिशत ब्याज सहित और सेवा में कमी के लिए 5000 हजार, वाद व्यय के रूप में 2000 रुपए अदा करे।