राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त, BJP-कांग्रेस आमने-सामने | SAGAR TV NEWS |
मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी इसे अपनी रणनीतिक सफलता बता रही है, जबकि कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सवाल उठा रही है। अब यह मामला प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गया है। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब भाजपा ने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई। भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया कि नामांकन पत्र में एक मामले से जुड़ी जानकारी का पूर्ण उल्लेख नहीं किया गया था।
आपत्ति के बाद नामांकन की जांच हुई और अंततः मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया गया। इस फैसले के बाद भाजपा खेमे में उत्साह का माहौल देखा गया, जबकि कांग्रेस के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा द्वारा तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार को मैदान में उतारने के बाद से ही मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी पहले दावा किया था कि तीसरी सीट भाजपा के खाते में जाएगी। अब नामांकन निरस्त होने के बाद भाजपा नेता इसे अपनी राजनीतिक और कानूनी तैयारी की सफलता के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।
वहीं, कांग्रेस की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार मंथन जारी है। नामांकन दाखिल करने के दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे, लेकिन अब विपक्ष इस मामले को लेकर कांग्रेस की रणनीति और तैयारी पर सवाल उठा रहा है। राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा जहां इसे अपनी संगठनात्मक मजबूती और रणनीतिक बढ़त बता रही है, वहीं कांग्रेस इस मुद्दे पर आगे की राजनीतिक और कानूनी संभावनाओं पर विचार कर रही है। फिलहाल, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना मध्य प्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और भी तेज होने की संभावना है।