मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर कांग्रेस का उपवास! BJP के खिलाफ खोला मोर्चा SAGAR TV NEWS
मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासत लगातार गर्माती जा रही है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इसी कड़ी में एमपी के सागर संभाग के छतरपुर जिले के बकस्वाहा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय उपवास रखकर भाजपा सरकार और निर्वाचन प्रक्रिया के खिलाफ विरोध जताया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश संगठन महासचिव संजय कामले और जिला कांग्रेस अध्यक्ष गगन यादव के निर्देश पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
उपवास कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने का विरोध किया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संजय दुबे ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह फैसला लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक परंपराओं के विपरीत है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया जाना केवल एक उम्मीदवार का मामला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष राजनीतिक लाभ के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है।
दरअसल, राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच हुई और रिटर्निंग अधिकारी ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया। इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। जहां भाजपा इसे अपनी रणनीतिक और कानूनी सफलता बता रही है, वहीं कांग्रेस इस फैसले को चुनौती देने और आगे आंदोलन करने की बात कह रही है। बकस्वाहा में आयोजित उपवास कार्यक्रम के दौरान भी कांग्रेस नेताओं ने संघर्ष जारी रखने और जरूरत पड़ने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने का मामला अब राजनीतिक विवाद का बड़ा केंद्र बन चुका है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कांग्रेस के आंदोलन और भाजपा की प्रतिक्रिया प्रदेश की राजनीति को और गरमा सकती है।