सागर- 600 बोरियों का बड़ा घोटाला, स्वसहायता समूह पर FIR सरकारी, गेहूं में 41% मिट्टी का खेल!
सागर में सरकारी गेहूं के भंडारण से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां वेयर हाउस में पहुंची गेहूं की बोरियों में 41 प्रतिशत से अधिक मिट्टी मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर स्वसहायता समूह की अध्यक्ष, उनके पति और सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामला सागर के लक्ष्मी नगर गंभीरिया स्थित श्री देवप्रभा वेयर हाउस का है। जानकारी के अनुसार, करीब एक माह पहले ही इस वेयर हाउस को वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन की सांईखेड़ा शाखा द्वारा अधिग्रहित किया गया था। यहां विभिन्न उपार्जन केंद्रों से गेहूं लाकर संग्रहित किया जा रहा है।
शनिवार को एक ट्रक लगभग 600 बोरियां लेकर वेयर हाउस पहुंचा। जब मजदूर बोरियां उतार रहे थे, तभी एक कर्मचारी को अनाज की गुणवत्ता पर संदेह हुआ। उसने कुछ बोरियां खोलकर देखीं तो उसमें गेहूं के साथ भारी मात्रा में मिट्टी मिली हुई थी। मामले की सूचना मिलते ही वेयर हाउस प्रबंधन ने अमानक गेहूं को वापस लौटा दिया। इसके बाद कलेक्टर प्रतिभा पाल ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए।
कलेक्टर के आदेश पर गठित जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर बोरियों की जांच की। जांच में सामने आया कि 600 में से 40 बोरियों में गेहूं के साथ अत्यधिक मात्रा में मिट्टी मिली हुई थी। सैंपल परीक्षण में मिट्टी की मात्रा 41 प्रतिशत से अधिक पाई गई। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि बोरियों पर लगाए जाने वाले अनिवार्य टैग नियमों के अनुसार नहीं थे। अधिकारियों को संदेह है कि पुरानी बोरियों को बदलकर नई बोरियां भेजने की कोशिश की गई थी।
गड़बड़ी सामने आने के बाद जिम्मेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद डीएम नान रोहित बघेल ने सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर हर्षिका स्वसहायता समूह की अध्यक्ष बबीता सेन, उनके पति दीपक सेन और सचिव नेहा सेन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सरकारी अनाज में मिट्टी मिलाने का यह मामला न केवल बड़ी लापरवाही बल्कि गरीबों के हक पर डाका डालने जैसा माना जा रहा है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि इस पूरे खेल के पीछे और कौन-कौन शामिल है।