देवर गोद में उठाकर भाभी को पहुंचा थाने, निजी अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के बाद बिगड़ी जिंदगी !
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एक देवर अपनी गंभीर रूप से बीमार भाभी को गोद में उठाकर थाने पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई। परिवार का आरोप है कि पथरी के एक सामान्य ऑपरेशन के बाद महिला की हालत इतनी बिगड़ गई कि अब उसकी दोनों किडनियां प्रभावित हो चुकी हैं और वह पिछले डेढ़ महीने से डायलिसिस पर निर्भर है।
मामला भोपाल के साकेत नगर का है। पीड़ित महिला सुनीता मेहरा ने गोविंदपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि अप्रैल महीने में उन्होंने एक निजी अस्पताल में पथरी का ऑपरेशन कराया था। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। पहले शहर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज कराया गया, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। बाद में उन्हें एम्स भोपाल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उनका उपचार जारी है।
परिवार का दावा है कि ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही और संक्रमित उपकरणों के उपयोग के कारण गंभीर संक्रमण फैला, जिससे महिला की दोनों किडनियां प्रभावित हो गईं। परिजनों का कहना है कि अब तक इलाज पर 35 से 40 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं, लेकिन महिला की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है। सबसे भावुक दृश्य तब देखने को मिला जब महिला का देवर उसे गोद में उठाकर गोविंदपुरा थाने पहुंचा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। अस्पताल के प्रबंधक और चिकित्सक डॉ. निमिष सहारा का कहना है कि मरीज का उपचार पूरी तरह मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया था और किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। वहीं भोपाल सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने मामले की जांच के लिए समिति गठित करने की बात कही है। पुलिस ने भी शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इस पूरे मामले में जांच जारी है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि महिला की इस गंभीर हालत के पीछे लापरवाही है या कोई अन्य वजह।