बुलडोजर एक्शन पर ब्रेक! विरोध के बीच अधूरी रह गई कार्रवाई, प्रशासन को लौटना पड़ा वापस
एमपी के सागर संभाग के छतरपुर शहर में सुबह प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग का बड़ा बुलडोजर एक्शन देखने को मिला। पीडब्ल्यूडी की जमीन और जर्जर मकानों को कब्जा मुक्त कराने पहुंची टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। कुछ मकानों पर कार्रवाई के बाद माहौल गर्मा गया और प्रशासन को अपनी कार्रवाई बीच में ही रोककर वापस लौटना पड़ा।
छतरपुर शहर में पीडब्ल्यूडी विभाग के कई मकानों और परिसरों पर लंबे समय से अवैध कब्जे होने की बात सामने आ रही थी। विभाग ने इन मकानों को जर्जर और हादसे की आशंका वाला बताते हुए इन्हें हटाने और कब्जा मुक्त कराने की योजना बनाई थी।
सुबह प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। कार्रवाई के लिए बुलडोजर लगाए गए और जर्जर भवनों को गिराने की प्रक्रिया शुरू की गई। बताया जा रहा है कि कुल सात मकानों पर कार्रवाई प्रस्तावित थी।
प्रशासन ने शुरुआती चरण में दो से तीन मकानों को ध्वस्त कर दिया, लेकिन इसके बाद स्थानीय लोगों और कुछ हिंदू संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया। विरोध करने वालों का कहना था कि पहले भी प्रताप सागर क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर के पुजारी के मकान को लेकर इसी तरह की कार्रवाई की गई थी, जिसे लेकर नाराजगी बनी हुई है।
विरोध बढ़ता देख मौके पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद बढ़ने के कारण कार्रवाई को आगे नहीं बढ़ाया जा सका।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि जिन भवनों पर कार्रवाई की जा रही है, वे काफी जर्जर हो चुके हैं और बारिश के मौसम में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। विभाग का दावा है कि लोगों की सुरक्षा और सरकारी संपत्ति को कब्जा मुक्त कराने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की जा रही है।
इस अभियान के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। मौके पर 100 से अधिक पुलिसकर्मी और सात तहसीलदारों सहित बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
फिलहाल कार्रवाई अधूरी रह गई है, लेकिन प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि सरकारी भूमि और जर्जर भवनों को लेकर अभियान आगे भी जारी रहेगा। अब देखना होगा कि विरोध के बीच यह कार्रवाई दोबारा कब और कैसे शुरू होती है।