कलयुगी बेटे ने खुद का अपहरण कर पिता से मांगी 2 लाख की फिरौती, 24 घंटे में खुला राज
सागर जिले के देवरी से, जहां एक बेटे ने अपने ही पिता को ठगने के लिए ऐसा खेल खेला कि सुनकर हर कोई हैरान रह गया। देवरी पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर एक कथित अपहरण और फिरौती के मामले का सनसनीखेज खुलासा करते हुए पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया है। हैरानी की बात यह है कि जिस युवक के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई गई थी, उसी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर खुद के अपहरण का नाटक रचा था। मामला ग्राम डोंगर सलैया का है। यहां रहने वाले राजेश जाटव ने पुलिस को बताया कि उनका 21 वर्षीय बेटा पवन जाटव 9 जून को जन्मदिन पार्टी में जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इसके बाद अज्ञात लोगों ने फोन कर पवन के अपहरण की बात कही और 2 लाख रुपये की फिरौती मांगते हुए हत्या की धमकी भी दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत हरकत में आई। तकनीकी साक्ष्यों और साइबर जांच के आधार पर पुलिस ने चितौरा टोल के पास एक ऑल्टो कार में बैठे पवन जाटव सहित चार युवकों को हिरासत में लिया। पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसने सभी को चौंका दिया। जांच में सामने आया कि पवन जाटव और उसका साथी बलजीत सिंह अवैध रूप से गांजा लेने ओडिशा के संबलपुर गए थे। वापसी के दौरान पुलिस जांच के डर से दोनों ने गांजे का पैकेट और मोबाइल ट्रेन से फेंक दिया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ।
इस नुकसान की भरपाई के लिए पवन, बलजीत, शुभम, अरविंद और सुनील पटेल ने मिलकर अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी और पवन के पिता से 2 लाख रुपये की फिरौती मांगने लगे। हालांकि पिता केवल 30 हजार रुपये ही जुटा सके। देवरी पुलिस ने पवन जाटव, अरविंद दुबे, बलजीत सिंह और शुभम पटेल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी सुनील पटेल अभी फरार है। पुलिस अब आरोपियों के मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े नेटवर्क की भी जांच कर रही है। फिलहाल, पुलिस की सतर्कता ने एक परिवार को लाखों रुपये की ठगी से बचा लिया और कलयुगी बेटे की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।