ब्लैक मेलिंग ने ली पुलिसकर्मी की जान ! नोट से खुला राज, दो नर्स समेत तीन गिरफ्तार
एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना से परेशान एक पुलिसकर्मी ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। बम्हनी बंजर थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में शव मिला है .आरक्षक सुनील सरयाम की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए दो महिला संविदा स्टाफ नर्स और एक युवक को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरक्षक लंबे समय से ब्लैकमेलिंग का शिकार था और इसी दबाव ने उसे कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
एमपी के मंडला पुलिस की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अपनी जीवन लीला समाप्त से पहले आरक्षक सुनील सरयाम द्वारा छोड़े गए नोट में कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। नोट में उल्लेख था कि उसे निजी फोटो और वीडियो के आधार पर लगातार ब्लैकमेल किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले दोस्ती का रिश्ता बनाया और फिर आपत्तिजनक तस्वीरों एवं वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर उससे लगातार पैसों की मांग शुरू कर दी। यह सिलसिला लंबे समय तक चलता रहा, जिससे आरक्षक मानसिक तनाव और अवसाद में रहने लगा।
पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कोविड काल के दौरान मृतक का संपर्क आरोपियों से हुआ था। इसके बाद कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू हुआ और धीरे-धीरे पैसों की मांग बढ़ती चली गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की। मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो महिला संविदा स्टाफ नर्सों और उनके एक भाई को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत भी जब्त किए गए हैं। यह मामला ब्लैकमेलिंग और मानसिक उत्पीड़न के उस भयावह सच को उजागर करता है, जो किसी व्यक्ति को अंदर तक तोड़ सकता है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।