Sagar - सब्जी लगाने वाले किसान मानसून आने से पहले ऐसे करे खेत तैयार, मिलेगा डबल मुनाफा
मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक अब कुछ ही दिनों की मेहमान है। मानसून के आते ही खरीफ सीजन की गतिविधियां तेज हो जाएंगी और खेतों में बुवाई का काम शुरू हो जाएगा। ऐसे में जो किसान सब्जियों की खेती कर अच्छा मुनाफा कमाने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए अभी का समय बेहद महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का कहना है कि टमाटर, मिर्च, शिमला मिर्च और बैंगन जैसी फसलों की बेहतर पैदावार के लिए मानसून से पहले खेतों की वैज्ञानिक तरीके से तैयारी जरूरी है।
पिछले कुछ वर्षों में सागर जिले समेत पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में ड्रिप और मल्चिंग तकनीक से सब्जी उत्पादन का चलन तेजी से बढ़ा है। इस तकनीक से पानी की बचत होती है, पौधों को संतुलित पोषण मिलता है और उत्पादन भी बेहतर होता है। लेकिन इसके लिए खेत की तैयारी समय रहते करना जरूरी है।
सागर जिले की रहली के वरिष्ठ उद्यानिकी अधिकारी विदेश प्रजापति के अनुसार सबसे पहले खेत की गहरी जुताई यानी प्लाउ करना चाहिए। जिन किसानों ने अभी तक जुताई नहीं कराई है, उनके पास अभी कुछ दिनों का समय है। इसके बाद पंजा या कल्टीवेटर से दोबारा बखरनी कर मिट्टी को समतल करना चाहिए। फिर रोटावेटर चलाकर मिट्टी को पूरी तरह भुरभुरी बनाया जाता है।
रोटावेटर चलाने के बाद खेत को करीब दो दिन खाली छोड़ देना चाहिए। इसके बाद बेड प्रिपरेशन का काम शुरू किया जाता है। वर्तमान में ट्रैक्टर से चलने वाली विशेष मशीनों के जरिए बेड तैयार किए जा रहे हैं। बेड बनने के बाद ड्रिप लाइन बिछाई जाती है और उसके ऊपर मल्चिंग शीट लगाई जाती है।
बारिश शुरू होने के बाद पौधों की रोपाई की जाती है। सब्जी फसलों की रोपाई के लिए 10 जुलाई तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। बेड बनाने का मुख्य उद्देश्य मिट्टी को भुरभुरा बनाए रखना है, जिससे पौधों की जड़ें तेजी से विकसित होती हैं। मजबूत जड़ें जमीन से पोषक तत्वों और खाद को बेहतर तरीके से अवशोषित करती हैं, जिससे पौधा स्वस्थ रहता है और उत्पादन बढ़ता है।