मामा-भांजा की एक साथ गई जान, भांजे को बचाने पहुंचे थे मामा, चप्पल उठाने के दौरान हुई घटना
मामा-भांजे को लेकर एक दुखद खबर सामने आई है। जहां नदी में भांजे को बचाने पहुंचे मामा की भी जान चली गयी। घटना के बाद मातम पसर गया। जानकारी लगते ही पूरा गांव पुल किनारे पहुंच गया। हैरानी की बात ये भी है की मामा की शादी महज एक महीने पहले ही हुई थी। घटना उज्जैन जिले के महिदपुर नगर क्षेत्र स्थित नदी के बड़े पुल की बताई जा रही है। दरअसल नदी में चप्पल गिर जाने के बाद भांजा उसे बाहर निकाल रहा था। लेकिन जब वह नदी में पहुंचा तो गहराई में जाने से डूबने लगा। जिसे बचाने आया उसका मामा भी डूब गया। जहां मामा और भांजे की दुखद जान चली गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों की डेड बॉडी को बाहर निकाला गया।
जानकारी के मुताबिक नारायणखेड़ी निवासी 14 साल के आयुष की चप्पल नदी किनारे गिर गई थी। उसे निकालने वह नदी में उतर गया। लेकिन गहराई में जाने से डूबने लगा। यह देख उसके 25 साल के मामा आसाराम ने बिना देर किए ट्रैक्टर सड़क किनारे खड़ा किया और उसे बचाने नदी में छलांग लगा दी। लेकिन नदी में गहराई ज्यादा होने की वजह से दोनों पानी में समा गए। सूचना मिलने के बाद महिदपुर पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। जहां स्थानीय गोताखोरों की मदद से करीब ढाई घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद दोनों की बॉडी को नदी से बाहर निकाला गया। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गयी थी।
हादसे के बाद पूरे नारायणखेड़ी गांव में शोक की लहर है। घटना का दुखद पहलू ये भी है की आसाराम की शादी महज एक महीने पहले ही हुई थी। फिलहाल पुलिस ने दोनों बॉडी का पीएम कराते हुए परिजनों को सौंपी थी। साथ ही मामले की जांच भी शुरू की थी।------ मामले में थाना प्रभारी अशोक पाटीदार ने जानकारी दी।