देर रात महिला कलेक्टर से मिलने की ज़िद पर अड़े भाजपा के नेता, पहले फर्श पर बैठे फिर पहुंचे बंगले पर !
भाजपा के बड़े नेता अचानक देर रात महिला कलेक्टर से मिलने की ज़िद पर अड़ गए। और कलेक्ट्रेट के गेट के बाहर डटकर बैठ गए। जो करीब दो घंटे तक बैठे रहे। लेकिन कलेक्टर बाहर नहीं आई। उनके स्वास्थ्य का हवाला दिया गया। इसके बाद भाजपा नेता महिला कलेक्टर से मिलने देर रात करीब साढ़े 11 बजे उनके बंगले पर पहुंच गए और 12 बजे बाहर निकले। इस दौरान थाने का पुलिस बल भी मौजूद था। ये सारा अजीबोगरीब घटनाक्रम एमपी के डिंडौरी जिले में हुआ। जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है की आखिर ऐसा कौन सा विषय है ऐसी कौन सी बात है जिसके लिए ऐसा कुछ करना पड़ा।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया से मिलने की ज़िद करने वाले भाजपा के बड़े नेताओं में प्रदेश अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति मोर्चा पंकज सिंह तेकाम, शहपुरा भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, सभी जिला महामंत्री, सभी मंडल अध्यक्ष और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। हालांकि कलेक्टर से उनकी क्या चर्चा हुई ये नहीं बताया गया। लेकिन इस घटनाक्रम के बाद जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गयी हैं। तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
बताया गया की सभी भाजपा नेता पहले कलेक्ट्रेट कार्यालय के गेट के बाहर दो घंटे डिंडोरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया से मिलने की जिद पर फर्श पर बैठे रहे। कलेक्टर नहीं आई तो सभी नेता देर रात कलेक्टर के बंगले मिलने पहुंच गए। सुरक्षा के दृष्टि से कोतवाली पुलिस के जवान भी अधिकारियों के साथ तैनात रहे। देर रात भाजपा नेताओं की डिंडोरी कलेक्टर से मिलने की जिद की आखिर मुख्य वजह क्या थी। यह बात साफ़ नहीं हो पाई है। ऐसी आखिर क्या बात थी जिसके लिए सुबह का इंतजार नहीं किया गया। वहीं भाजपा नेता सवालों के जवाबों से बचते नज़र आये।
कलेक्टर बंगले से बाहर निकलते समय शहपुरा भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे से इतनी रात कलेक्टर से मिलने का कारण पूछा तो उनका कहना था की जो जिले के विकासखंडों में शिविर लग रहे हैं उसको लेकर चर्चा की गई है ताकि जन-जन तक सरकार की योजना बचे हुए लाभार्थियों को मिल सके। हालांकि ऐसा अंदेशा जताया जा रहा है की करंजिया और बजाग में हुए शिलान्यास को लेकर बने पत्थर में भाजपा जिला अध्यक्ष और मंडल अध्यक्ष के नाम नहीं थे। जिसको लेकर विधायक ओमप्रकाश धुर्वे और भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम इस बात से मुकर गए।