MP | 150 साल पुराना भैरू महाराज मंदिर क्षतिग्रस्त, श्रद्धालुओं में आक्रोश, सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में
एमपी के उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान करीब 150 साल पुराना भैरू महाराज मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों में भारी नाराजगी है और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश देखने को मिल रहा है। उज्जैन में कंठाल से सती गेट तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी निर्माण कार्य के दौरान गुरुवार देर शाम सराफा चौराहा स्थित प्राचीन भैरू महाराज मंदिर को नुकसान पहुंच गया।
बताया जा रहा है कि पोकलेन मशीन से किए जा रहे निर्माण कार्य के दौरान मंदिर का गुम्बद, दीवार और ऊपरी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि मंदिर की दीवार का मलबा सीधे भगवान की मूर्ति पर नहीं गिरा, जिससे आराध्य देव की प्रतिमा सुरक्षित बच गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी, श्रद्धालु और क्षेत्रवासी मौके पर पहुंच गए। लोगों ने नगर निगम और निर्माण एजेंसी पर धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि सड़क चौड़ीकरण के कारण मंदिर प्रभावित हो रहा था, तो प्रशासन को पहले अन्य धार्मिक स्थलों की तरह इसके स्थानांतरण और संरक्षण की उचित प्रक्रिया अपनानी चाहिए थी। क्षेत्रवासी रोहित मित्तल ने मांग की है कि मंदिर की पूर्व स्थिति को बहाल करते हुए उसका पुनर्निर्माण कराया जाए और जब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं होता, तब तक मंदिर के लिए अस्थायी शेड की व्यवस्था की जाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर हिमांशु गोयल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि बगल के मकान को हटाने के दौरान उसका एक हिस्सा मंदिर पर गिर गया, जिससे छत क्षतिग्रस्त हुई है। उन्होंने मंदिर को सुरक्षित करने और पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच हुई इस घटना ने प्रशासनिक लापरवाही और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब श्रद्धालुओं की मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और 150 साल पुराने इस मंदिर की पहचान को फिर से उसी स्वरूप में बहाल किया जाए।