Sagar - एकतरफा प्यार में मौसेरे भाई ने नर्स को मारी थी गोली, 4 महीने बाद जबलपुर से गिरफ्तार
सागर जिले के शाहगढ़ में चार महीने पहले हुए सनसनीखेज नर्स हत्याकांड का - पुलिस ने आखिरकार पर्दाफाश कर दिया है। शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य - केंद्र के बाहर 4 फरवरी 2026 की रात को 22 वर्षीय नर्स दीपशिखा चड़ार की गोली मारकर हत्या करने वाले मुख्य आरोपी उसके मौसेरे भाई सुशील आठ्या को पुलिस ने जबलपुर से गिरफ्तार कर लिया है।
वारदात के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने इनाम भी घोषित किया था। पुलिस की कई टीमें लगातार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। जैसे ही पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी जबलपुर में छिपा हुआ है, तत्काल एक विशेष टीम रवाना की गई और घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया।
पुलिस आरोपी को शाहगढ़ ला रही है, जहां पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। 4 फरवरी की रात करीब 7.45 बजे दीपशिखा अपनी नाइट ड्यूटी के लिए अपने कमरे से बाहर निकली। जैसे ही वह अस्पताल के गेट के पास पहुंची, तो पहले से घात लगाए बैठे सुशील ने आवेश में आकर उस पर ताबड़तोड़ तीन राउंड फायर कर दिए। दीपशिखा वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ी, जिसकी उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट दो गोली उसके शरीर से बरामद की गई थी
इस हत्याकांड के पीछे एकतरफा प्यार, शादी का दबाव, संदेह की एक खौफनाक कहानी सामने आई है। मृतका दीपशिखा चड़ार और आरोपी सुशील आठ्या आपस में मौसेरे भाई-बहन थे। जानकारी के अनुसार दोनों ने एक साथ नर्सिंग की पढ़ाई की थी। पढ़ाई पूरी होने के बाद दीपशिखा की सरकारी नौकरी शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लग गई, जबकि सुशील बेरोजगार ही रहा
शुरुआती दौर में दोनों के बीच संबंध थे, लेकिन नौकरी लगने के बाद दीपशिखा शाहगढ़ में रहने लगी। इस बीच सुशील लगातार दीपशिखा पर शादी करने का दबाव बना रहा था। दीपशिखा के शाहगढ़ आने के बाद सुशील को यह शक होने लगा कि वह उसे धोखा दे रही है व किसी और से बात करती है। इसी संदेह और सनक में उसने दीपशिखा की हत्या कर डाली।