Sagar- गौरझामर थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप, संगठन के कार्यकर्ताओं को नजरबंद करने का मामला गरमाया
सागर जिले के गौरझामर थाना क्षेत्र में भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर बिना किसी नोटिस और कारण बताए नजरबंद किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। संगठन के पदाधिकारियों ने थाना प्रभारी और पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग की है। भगवती मानव कल्याण संगठन के अनुसार, संगठन के केसली ब्लॉक अध्यक्ष कैलाश सिंह लोधी को 14 जून की सुबह करीब 8 बजे गौरझामर थाना प्रभारी द्वारा फोन कर थाने बुलाया गया। आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद उनसे जबरन हस्ताक्षर कराए गए और फिर उन्हें थाने में ही नजरबंद कर दिया गया।
संगठन का कहना है कि जब अन्य कार्यकर्ताओं ने इसकी जानकारी लेने का प्रयास किया, तो निरपत सिंह लोधी और राजकुमार लोधी, निवासी पटना खुर्द, को भी थाना प्रभारी के निर्देश पर थाने में रोक लिया गया। घटना से नाराज संगठन के जिलाध्यक्ष, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में थाना प्रभारी नासिर फारूकी और मुंशी अनिल कनौजिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। संगठन का आरोप है कि जिन कार्यकर्ताओं को नजरबंद किया गया, उनके खिलाफ कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं है और न ही उन्होंने किसी प्रकार का कानून का उल्लंघन किया है। इसके बावजूद उन्हें घंटों तक थाने में रोककर रखा गया।
संगठन ने पुलिस अधीक्षक से यह भी मांग की है कि उन्हें लिखित रूप से बताया जाए कि आखिर किन परिस्थितियों और किस कानूनी आधार पर उनके कार्यकर्ताओं को नजरबंद किया गया। गौरझामर में सामने आए इस मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर इस पूरे मामले की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोपों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।