हाथों में काली पट्टी और फिर PM का पुतला दहन, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर महिला कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन
पूर्व सांसद और कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में विदिशा में महिला कांग्रेस सड़क पर उतर आई। जिला महिला कांग्रेस ने बरईपुरा चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया, प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया और राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की। विदिशा के बरईपुरा चौराहे पर बुधवार को महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए नामांकन निरस्त करने की कार्रवाई को लोकतंत्र और महिलाओं के अधिकारों पर हमला बताया। जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियंका किरार ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को चुनाव लड़ने का अधिकार देता है। ऐसे में एक शिक्षित और संघर्षशील महिला नेता का नामांकन बिना ठोस आधार के रद्द करना न केवल एक व्यक्ति, बल्कि पूरे लोकतंत्र और नारी शक्ति का अपमान है।
प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई है कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त करने के आदेश की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक इस कार्रवाई को स्थगित रखा जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए चुनाव आयोग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।महिला कांग्रेस का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम से चुनाव आयोग की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार को चूड़ियां भेंट कर भी अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं और उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद प्रदेश में सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या राजनीतिक और कानूनी मोड़ सामने आते हैं।