स्मार्ट मीटरों ने बिगाड़ा बजट, सड़कों पर बैठी महिलाएं, स्मार्ट मीटर का जमकर विरोध
स्मार्ट मीटर के खिलाफ आखिरकार लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और लोग सड़कों पर उतर आये। इस दौरान आरोप लगाया गया की जब से स्मार्ट मीटर लगे हैं तब से अनाप शनाप बिल दिए जा रहे हैं। कहा गया की जिन लोगों का बिल हर महीने दो सौ से लेकर पांच सौ रूपये तक आता था। अब उन्ही के बिल कई हज़ारों में आ रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली बिल कई गुना तक बढ़कर आ रहे हैं। आपको नज़र आने वाली ये तस्वीरें एमपी के मंदसौर जिले की हैं। जहां सड़कों पर उतरकर लोगों ने प्रदर्शन किया साथ ही बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गयी। इस दौरान गुस्साए लोगों ने चक्काजाम भी किया।
दरअसल मंदसौर में बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों के खिलाफ बड़ी संख्या में शहरवासी सड़क पर उतर आए जिनमें बड़ी संख्या में महिलाऐं भी शामिल थी। लोगों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके बिजली बिलों में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। इसी को लेकर गांधी चौराहे से सरदार पटेल चौराहे तक विशाल रैली निकालकर प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा की पहले उनके घरों के बिजली बिल 200 से 500 रुपए तक आते थे। लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद से 10 हजार से 15 हजार रुपए तक बिल आ रहे हैं। महंगाई के दौर में आम और मध्यमवर्गीय परिवार पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में हजारों रुपए के बिजली बिलों ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। वहीं प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने चेतावनी देते हुए कहा की अगर जल्द ही बढ़े हुए बिजली बिलों की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे अपने घरों में लगे स्मार्ट मीटर उतारकर फेंक देंगी। सरकार और बिजली विभाग जनता की समस्याएं सुनने के बजाय उन पर आर्थिक बोझ डाल रहे हैं
लोगों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। साथ ही स्मार्ट मीटर योजना को वापस लेने की मांग उठाई। इस दौरान बिजली विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। और जांच आश्वासन दिया।