महिला ने मुख्यमंत्री दो रोका और रोकर गिड़गिड़ा मांगने लगी अपना हक़,फिर सीएम ने दिए तत्काल निर्देश
एक महिला ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को रोक लिया और रोकर गिड़गिड़ा कर फ़रियाद करते हुए अपना हक़ मांगने लगी। महिला का कहना था की घर में बेटियां ही हैं तो ऐसा होना गुनाह हो गया। उसे इसीलिये मुआवजा नहीं दिया जा रहा। क्योंकि घर में कोई बीटा नहीं है। दुखी महिला ने सीएम मोहन यादव को रोककर अपनी समस्या बताई और परिवार को उचित मुआवजा ना मिलने की शिकायत की नज़ारा एमपी के इंदौर का है महिला ने अपने लकवाग्रस्त पिता का जिक्र करते हुए उचित मुआवजे की मांग की। जहां सीएम ने भी त्वरित रूप से कलेक्टर को चालीस लाख रुपए देने का निर्देश दिया।
दरअसल ये पूरा मामला इंदौर में बड़ा गणपति मेट्रो स्टेशन के लिए तोड़े गए 16 मकानों में से एक मकान का है। जहां उचित मुआवजा ना मिलने से दुखी एक महिला ने मुखयमंत्री डॉ. मोहन यादव को रोक लिया और उन्हें अपनी परेशानी बताई।
बता दें की घरों में बर्तन साफ करने का काम करने वाली प्रीति वर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के शारदा कन्या स्कूल दौरे के बीच रोककर अपनी व्यथा सुनाई। प्रीति ने बताया कि मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने बड़ा गणपति इलाके के पीलिया खाल इलाके में 16 मकान हटाए हैं जिसमें उनके पिता द्वारा बनाया मकान भी हटा दिया गया है। अन्य मकान मालिकों को 40 लाख का मुआवजा दिया गया। जबकि मेट्रो के अधिकारियों ने प्रीति के पिता के कोई बेटे उत्तराधिकारी ना होने का हवाला देकर मात्र 16 लाख का मुआवजा तय कर दिया। जिसकी शिकायत उसने कलेक्टर शिवम वर्मा से भी की थी। लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी कोई निर्णय नहीं लिया गया और उन्हें बुरे हालात में लकवाग्रस्त पिता को लेकर भटकना पड़ रहा है साथ ही मकान की किस्त भी नहीं भर पा रहे हैं। पूरी बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री यादव ने कलेक्टर शिवम वर्मा को त्वरित रूप से महिला को चालीस लाख का मुआवजा दिए जाने के निर्देश दिए हैं।